
Ranchi: पुलिस के लिए काम करने और खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने वाले एसपीओ, अब पुलिस के लिए अब मुसीबत बन चुके हैं. पैसे कमाने के चक्कर में एसपीओ एक दूसरे की हत्या करने पर तुले हुए हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले अधिकतर एसपीओ अपने संबंधित थाना से बेहतर संबंध बनाकर दलाली कर रहे हैं. उग्रवाद प्रभावित जिलों में तैनात एसपीओ का काम उग्रवाद व अपराध से जुड़ी सूचनाएं पुलिस को उपलब्ध करवाना होता है. जिसके लिए इन्हें हर महीने छह हजार रुपये वेतन दिये जाते हैं. लेकिन, अधिकतर एसपीओ अपने संबंधित थानों से बेहतर संबंध बनाकर दलाली कर रहे हैं. कुछ एसपीओ ऑटो और बस स्टैंड से रंगदारी वसूलते हैं या किसी के खिलाफ नक्सल मामलों का केस करवाते हैं और फिर खुद केस को मैनेज करवा कर अपने साथ-साथ पुलिसवालों की भी जेब भरते हैं.
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पैसे के लिए करा रहे हैं हत्या
सरेंडर कर चुके नक्सली और पुलिस के लिए काम करने वाले एसपीओ अब अपराधियों की राह पर चल पड़े हैं. पुलिस की खुफिया तंत्र को मजबूत करने वाले यह दोनों अब पुलिस के लिए ही मुसीबत बन गये हैं. पैसे की लालच में एसपीओ मुखबिर एक दूसरे की जान लेने पर तुले हुए हैं.
एसपीओ बुधु दास की हो चुकी है हत्या
सीएम आवास के सामने मारा गया बुधु दास भी पुलिस का ही एसपीओ था. जानकारी के अनुसार बुधु दास बुंडू इलाके का दबंग मुखबिर था. अपने इसी दबंगई के बल पर उसने बुंडू में बस स्टैंड से लेकर सड़क निर्माण तक का ठेका ले रखा था. इलाके के दूसरे एसपीओ बुधु से काफी आहत थे और उन्ही में से किसी एक ने बुधु की सुपारी देकर हत्या करवा दी.
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दागी एसपीओ को हटाने का आदेश
डीजीपी डीके पांडेय ने राज्य के सभी जिलों के एसपी को यह निर्देश दिया है कि जितने भी एसपीओ गलत काम में संलिप्त हैं उन्हें हटाया जाये. डीजीपी ने कहा है कि जो भी एसपीओ खुद को पुलिस का आदमी बताकर काम नहीं करते हैं या फिर किसी प्रकार के गलत काम में संलिप्त हो हो गये हैं उन्हें एसपीओ के काम से जल्द से जल्द हटा दिया जाये. गौरतलब है कि सीएम आवास के सामने एसपीओ बुधु दास की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. जिसके बाद एसडीओ की सुरक्षा को लेकर इस तरह का निर्देश डीजीपी के द्वारा जारी किया गया था.
नक्सल प्रभावित जिलों में नियुक्त होंगे 300 एसपीओ
झारखंड के अत्यंत नक्सल प्रभावित 4 जिलों के 300 युवाओं को एसपीओ के रूप में बहाल किया जायेगा. पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है. राज्य सरकार की तरफ से अनुमति मिलने पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी.
10 हजार रुपए मिलेंगे वेतन
एसपीओ को वेतन के रूप में प्रतिमाह 10 हजार रुपये दिये जायेंगे. इसके अलावा अन्य किसी प्रकार की राशि या भत्ता का भुगतान नहीं होगा. सहायक पुलिस के पदों पर नियुक्ति में आरक्षण के नियम भी लागू होंगे. आरक्षित एवं अनारक्षित श्रेणी के 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.




