
Ramgarh: बुद्धिजीवी मंच, बरकाकाना क्षेत्र द्वारा मणिपुर में आदिवासी महिला के साथ हुवे शर्मनाक हरकत के विरोध में, मणिपुर के पीड़ितों के न्याय के लिए और वहां जल्द से जल्द शांति बहाल की मांग को लेकर शुक्रवार बाजार टांड़ से दो नंबर गेट नया नगर बरकाकाना तक एक कैंडल मार्च निकाला गया. मार्च में शामिल लोग ” मनीपुर में शांति बहाल करो”, “धार्मिक स्थलों पर हमला बंद करो”, “मणिपुर के पीड़ितों को न्याय दो”, “नारियों को सम्मान दो” आदि नारा लगा रहे थे. मार्च का नेतृत्व मंच के अध्यक्ष प्रदीप करमाली और सचिव प्रो शाहनवाज खान ने किया.
प्रदीप करमाली ने कहा कि जो यौन शोषण और प्रड़ातना दो कुकी महिलाओं ने झेली, जो हॉरर उन्होंने देखा, जिस तरह से वो अपनी इज़्ज़त के लिए गिड़गिड़ाईं, दुनिया की कोई न्याय व्यवस्था उसकी भरपाई नहीं कर सकती. लेकिन जो भी कड़ी से कड़ी सज़ा हो उनके दोषियों को ज़रूर मिलनी चाहिए. सचिव प्रो शाहनवाज खान ने कहा कि इस कैंडल मार्च द्वारा हमारी मांग है कि मनीपुर सहित पुरे देश में प्रेम, अहिंसा, एकता, शांति, भाईचारा को बढ़ाने की कोशिश की जाए. यह कोशिश सरकार से ज्यादा बुद्धिजीव, इंसाफ पसंद और समाज के प्रबुद्ध नागरिक कर सकते हैं. जरूरत है सार्थक सोच और सार्थक पहलकदमी की.
कैंडल मार्च में मुख्य रूप से अध्यक्ष प्रदीप करमाली, सचिव प्रो शाहनवाज खान, मुख्य संयोजक पंचदेव करमाली, संयोजक रविन्द्र मुंडा, प्रवक्ता सुशील कुमार, कोषाध्यक्ष मोहम्मद सलीम, उपकोषाध्यक्ष देवकी बेदिया, उपाध्यक्ष सोनी महतो सह सचिव ब्रहदेव महतो, मदन दांगी और रियासत हुसैन, संगठन सचिव कवित्री देवी, दिनेश करमाली, शिव शंकर बेदिया, राजू रविदास, हाजी ताहीर हुसैन, नसीम अख्तर, नरेश प्रजापति, मदन प्रजापति, आजाद अंसारी आदि उपस्थित थे.




