
Ranchi: 2015 में रांची के मांडर के कंजिया गांव में डायन बिसाही के नाम पांच वृद्ध महिलाओं की हुई हत्या के मामले में गुरुवार को कोर्ट का फैसला आया. एससी-एसटी के स्पेशल जज एसएस प्रसाद की अदालत ने मामले में 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जबकि 28 आरोपियों को रिहा कर दिया है. इस मामले में दो आरोपी नाबालिग थे जिनकी सुनवाई डुमरदगा स्थित बाल कोर्ट में चल रही है. बता दें कि हत्याकांड में दर्ज चार अलग-अलग मामलों में 25 जुलाई को सुनवाई पूरी कर ली गई थी.
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8 अगस्त 2015 को हुई थी हत्या

मांडर के मरई टोली में 8 अगस्त 2015 को ये घटना हुई थी. जहां वृद्धा मदनी खलखो, तेतरी खलखो, अतवलिया खलखो, जनसता टोप्पो और रूफिया खलखो की 8 अगस्त 2015 की रात ग्रामीणों ने हत्या कर दी थी. कोर्ट ने मामले के सभी आरोपियों को फैसले के दिन कोर्ट में सशरीर हाजिर रहने को कहा था. सभी आरोपी घटना के दिन से जेल में बंद थे.
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क्या था पूरा मामला
रांची जिले के मांडर इलाके में पांच महिलाओं की हत्या कर दी गयी थी. जानकारी के अनुसार, डायन-बिसाही बताकर ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से पीटकर इनकी हत्या कर दी थी. घटना मांडर के कनीजिया गांव की थी. पांचों महिलाओं की हत्या के बाद शव को बोरे में बंद करके गांव के बाहर सुनसान जगह में फेंक दिया गया था. घटना की जानकारी, जब ग्रामीणों को मिली तो वे आक्रोशित हो गये और शव को अपने कब्जे में विरोध करने लगे थे. ग्रामीण पुलिस को शव उठाने नहीं दे रहे थे. भारी हंगामे के बीच पुलिस ने इस मामले में 50 लोगों को गिरफ्तार किया रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिये गए थे.
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