
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुताबिक राज्य के हर बच्चे को शिक्षित किये बिना उन्नत और समृद्ध झारखंड का सपना पूरा नहीं हो सकता है. इसके लिये सामूहिक भागीदारी जरूरी है. स्कूल, अभिभावक, सरकार और समाज को भी मिलकर आगे आना होगा. मुख्यमंत्री आज होटवार स्थित खेलगांव स्टेडियम में उत्कृष्ट विद्यालय के प्रबंध समिति के राज्यस्तरीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि राज्य का हर बच्चे को शिक्षित बनाना है. गरीब के बच्चों को पढ़ाकर उन्हें बेहतर जिंदगी देने को लेकर सरकार हमेशा चिंतित रहती है. हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे अभावग्रस्त में पढ़ते हैं हमें उन बच्चों को बेहतर संसाधन देना होगा. ताकि, हमारे बच्चे किसी प्राइवेट स्कूल के बच्चे से कमतर न हों.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिले इसके लिये सरकार हर स्तर से प्रयास कर रही है. पहले चरण में सरकार 80 विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के तौर पर चिन्हित किया है. धीरे-धीरे और भी स्कूलों को को उत्कृष्ट विद्यालय के तौर पर विकसित किया जायेगा. अब स्कूलों के प्रबंधन समिति की जिम्मेवारी पहले से और ज्यादा बढ़ गयी है. सरकार कड़ी दर कड़ी कदम बढ़ा रही है. इस पर हमारी कड़ी नजर रहेगी.

सचिव ने क्या कहाः शिक्षा सचिव के रविकुमार ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रखंड से लेकर पंचायत तक लीडरशिप स्कूल हो. सारे सरकारी स्कूलों को इंग्लिश मीडियम करने की पहल कर दी गयी है. किसी बच्चे की पढ़ाई न रूके. शिक्षा सचिव ने सारे प्राचार्य, प्रबंधन समिति के सदस्यों से अपील की है कि पढ़ाई में कमी न करें, गरीब बच्चों को पढ़ाना भगवान की सेवा करने जैसा काम है. बच्चों के विकास पर ध्यान दें ताकि, आगे चलकर उन्हें इसका लाभ मिले.
उन्होंने कहा कि कईबार यह देखने को मिलता है कि प्रबंधन समिति स्कूल पर ध्यान नहीं देते हैं, यह सही नहीं है. स्कूलों का संचालन सही तरीके से नहीं होगा तो हमलोगों को भी परेशानी हो जाती है. सभी का सहयोग जरुरी है.




