
Dheeraj kumar
Ranchi: रांची पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को शहर के लोगों के साथ दोस्ताना संबंध स्थापित कर काम करने की सलाह दी है. लेकिन कुछ पुलिस पदाधिकारी अपने वरीय पदाधिकारियों की सलाह को अनदेखा कर आम लोगों के साथ बेरहम तरीके से पेश आ रहे हैं. हाल के दिनों में कई लोगों के साथ रांची पुलिस के बेरहमी के साथ पेश आने और मारपीट की घटना हो चुकी है. इन मामलों के सामने आने के बाद पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने घटना में संलिप्त कनीय पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की है और उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है. ताजा मामला राजधानी के तुपुदाना थाने से जुड़ा है, जहां थाना प्रभारी मीरा सिंह और थाना में मौजूद एक अन्य एएसआई सुनील सिंह पर एक व्यक्ति के साथ बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा है. पीड़ित ने इस संबंध में एसएसपी से शिकायत भी की है. उसके शरीर पर कई गहरे जख्म भी हैं. फिलहाल पीड़ित व्यक्ति विकास कुमार का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. हालांकि इस मामले को लेकर रांची एसएसपी किशोर कौशल ने मामले की जांच करने का आदेश दे दिया है. इस मामले की जांच हटिया डीएसपी राजा मित्रा कर रहे हैं.
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पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने अपने सभी सहकर्मियों को सलाह दिया था कि शहरवासियों के साथ दोस्ताना संबंध स्थापित करें, ताकि शहरवासी और पुलिसकर्मियों के बीच एक अच्छा संबंध स्थापित हो सके, लेकिन कनीय स्तर के पुलिस अधिकारी या जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित पुलिस अधिकारी उनकी सलाह को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. तुपुदाना मामले में पीड़ित व्यक्ति विकास कुमार ने एसएसपी किशोर कौशल को बताया है कि जबरदस्ती बयान देने और सिग्नेचर करने का दबाव बनाया गया था. और जब वह अपना बयान नहीं लिखने और सिग्नेचर नहीं करने तो तैयार हुए तो उन्हें जेल भेजने की धमकी मीरा सिंह ने दी थी.
पूर्व की घटनाओं से भी दामन है दागदार
केस 1:
20 मार्च 2020 को हिंदपीढ़ी के युवक से थाने में बेरहमी से पिटाई के आरोप में तत्कालीन हिंदपीढ़ी के थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी हटा दिए गए थे. तत्कालीन एसएसपी अनीश गुप्ता ने थानेदार को लाइन हाजिर करते हुए उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया था. हिंदपीढ़ी के रहने वाले युवक मो. मुजीब को हिंदपीढ़ी थाने की पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले गई थी. जहां 24 घंटे से ज्यादा रखकर उसे जमकर पीटा गया. इसके साथ ही प्रताड़ित किया गया. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया था. फिलहाल सुनील कुमार तिवारी नामकुम थाना के थानेदार हैं.
केस 2
2 जून 2021 को महिला थाना प्रभारी श्रीति कुमारी के खिलाफ जैप-10 की महिला सिपाही भरोसी पूर्ति ने एसएसपी से शिकायत की थी. जिसमें मारपीट का आरोप लगाया गया था. महिला सिपाही का आरोप लगाई थी कि वह अपने पति रामकुमार के खिलाफ बीते 25 मई को शिकायत दर्ज कराई थी. इसके दूसरे दिन पति को अकेले बुलाया गया. फिर 28 मई को पति और महिला सिपाही को बुलाया गया था. इस दौरान महिला थानेदार ने पूछताछ के दौरान डंडे से पिटाई कर दी थी. इस मामले में कार्रवाई करते हुए हटा दिया गया था.
केस 3
24 अगस्त 2022 को रांची के रातू रोड के रहने वाले संदीप गुप्ता और उसके चार साल के बेटे दीप के साथ सुखदेव नगर थाने में मारपीट की गई थी. सुखदेव नगर थाना प्रभारी ममता कुमारी ने संदीप और उसके बेटे दीप को बेरहमी से पीटा था. संदीप ने मामले में इंसाफ के लिए डीजीपी को पत्र लिखा था. सांसद संजय सेठ ने भी इस मामले में एसएसपी से बात कर मामले की जांच कराने के बाद दोषी पाए जाने पर सुखदेव थाना प्रभारी पर कार्रवाई करने को कहा था. एसएसपी ने सांसद को बताया है कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच कराई जा रही है. हालांकि सुखदेव नगर थाना प्रभारी ममता कुमारी पर मारपीट करने के आरोप लगने के बावजूद नहीं हटाए गए थे.
तुपुदाना मामले में जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया
तुपुदाना थाना प्रभारी मीरा सिंह और अपने सहयोगी एएसआई सुनील सिंह के साथ विकास कुमार को बेरहमी तरीके से पिटाई किए हैं. इस मामले को लेकर जांच का आदेश दे दिया गया है और हटिया डीएसपी राजा मित्रा इस मामले की जांच कर रहे हैं. हटिया डीएसपी राजा मित्रा को जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. हटिया डीएसपी राजा मित्रा ने बताया कि इस मामले में कई लोग का बयान लिया गया है और फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है. आज शाम तक जांच रिपोर्ट एसएसपी किशोर कौशल को सौंप दिया जाएगा.




