
New Delhi: जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए छतरपुर (दिल्ली) स्थित उनके आवास पर रखा गया था. कल होशंगाबाद में उनके पैतृक गांव बंदाई (मध्यप्रदेश) में अंतिम संस्कार किया जाएगा. मालूम हो कि दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया है. उनकी बेटी सुभाषिनी यादव ने रात पौने 11 बजे सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी दी थी. पीएम मोदी समेत देश के दिग्गज लोग समाजवादी नेता के निधन पर शोक जता रहे हैं.
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बयान जारी कर कहा कि शरद यादव को अचेत अवस्था में फोर्टिस में आपात स्थिति में लाया गया था. जांच करने पर उनकी कोई पल्स या रिकॉर्डेबल ब्लड प्रेशर नहीं था. एसीएलएस प्रोटोकॉल के तहत उनका सीपीआर किया गया. सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, उन्हें बचाया नहीं किया जा सका और रात 10 बजकर 19 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनके परिवार के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं.
राजनीति में शरद यादव लालू प्रसाद और नीतीश कुमार दोनों के साथ रहे. नीतीश कुमार से राजनीतिक रिश्ते खराब होने के बाद शरद यादव अलग-थलग पड़ गए थे. इसके बाद से उनकी राजनीतिक गतिविधियां भी कम हो गई थी. फिर बीमार पड़े और रात में निधन हो गया. संभवतः देश के पहले राजनेता थे जिन्होंने अलग-अलग समय पर तीन राज्यों से सांसद रहे. शरद यादव सात बार सांसद बिहार, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश से सांसद रहे. वह बिहार के मधेपुरा से चार बार के साथ ही मध्यप्रदेश के जबलपुर व उत्तर प्रदेश के बदायूं से लोकसभा के लिए चुने गए थे.




