
Amit Jha
Ranchi : गोवंशों, मवेशियों के लिये स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त करने को सरकार एक अहम प्रयास करने वाली है. 22 सालों में राज्य में पहली बार करीब-करीब सभी प्रखंडों में एंबुलेंस सेवा शुरु किये जाने की तैयारी जारी है. केंद्र सरकार (पशुपालन मंत्रालय) से कुछ माह पहले राज्य (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग) को इसके लिये राशि आंवटित की जा चुकी है. 236 एंबुलेंस की खरीद 37 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से की जानी है. खरीद के बाद इसका संचालन पीपी मोड पर होगा. फिलहाल इसके लिये जरूरी औपचारिकताओं और टेंडर जारी किये जाने का मामला प्रक्रियागत है. जल्द ही इसके लिये टेंडर जारी किये जाने की कोशिश है.
ऐसे होगा संचालन
JSIA ( झारखंड स्टेट इंप्लिमेंटिंग एजेंसी फॉर कैटल एंड बुफैलो डेवलपमेंट, पशुपालन विभाग, झारखंड) को केंद्र ने राशि मुहैया करा दी है. एंबुलेंस की खरीद में राज्य सरकार को एक रुपये का भी खर्च नहीं करना होगा. पर पीपी मोड पर इसके संचालन प्रक्रिया में होने वाले व्यय में केंद्र का अंश 60 फीसदी और राज्य का 40 फीसदी का होगा. कॉल सेंटर, मोबाइल वैन के संचालन पर लगने वाला खर्च और अन्य इसमें शामिल होंगे. चूंकि अलग राज्य बनने के बाद से राज्य में लगातार वेटनरी डॉक्टरों की कमी बनी हुई है. फिलहाल पशुपालन विभाग के पास 498 वेटनरी डॉक्टर ही हैं. इनमें से भी 198 की सेवा रांची मुख्यालय, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद जैसे शहरों में ही है. 300 के भरोसे ही समूचे राज्य में मवेशियों के लिये किसी तरह से पशु चिकिस्सा सेवा व्यवस्था को संभाला जा रहा है. डॉक्टरों के अलावे अन्य मैनपावर की कमी के चलते ही सरकार ने पीपी मोड में एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मंशा बनायी है.
सरकार से गौशाला संघ की फरियाद
गौरतलब है कि पिछले दिनों झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ की रांची में हुई एक राज्यस्तरीय बैठक में गौशाला संचालकों ने कृषि पशुपालन मंत्री बादल से आग्रह किया था कि 25 से अधिक गौशालाएं राज्य के अलग-अलग जिलों में संचालित हैं. उनमें हजारों गौ वंश रखे गये हैं जिनके समुचित देखभाल में डॉक्टरों की कमी खलती है. एंबुलेंस सेवा की कमी के कारण भी समय पर गाय, मवेशियों को समुचित ईलाज नहीं मिल पाता. किसानों, गौपालकों को भी दिक्कत होती है. विभागीय पदाधिकारियों ने इस दौरान आश्वस्त करते कहा था कि रांची जिले में एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है. इसके अलावे 9 एंबुलेंस की खरीद जल्द ही होनी है. साथ ही केंद्र से 200 से अधिक एंबुलेंस की खरीद के लिये पैसे मिल चुके हैं. बादल ने भी इस दौरान कहा था कि गौ सेवा के लिये कई स्तरों पर सरकार प्रयास कर रही है. एंबुलेंस की खरीद के अलावे सभी गौशालाओं के लिये एक एक डॉक्टर की सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास हो रहा है.
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