
Patna: बिहार में जातीय जनगणना कराने का फैसला कर चुकी नीतीश सरकार ने इसका ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है. सरकार ने पिछले दिनों राज्य में जातीय जनगणना को मंजूरी दी थी और इसके लिए राशि के प्रबंध की बात भी कही थी लेकिन अब जो खबर सामने आ रही है उसके मुताबिक जातीय जनगणना के काम में किन लोगों को लगाया जाएगा. सरकार ने इस पर भी फैसला कर लिया है.
राज्य के सरकारी शिक्षक, लिपिक, मनरेगा, आंगनबाड़ी, जीविका दीदी जातीय गणना का काम करेंगी. इन्हें प्रगणक कहा जायेगा. इन कर्मियों को गणना की गोपनीयता हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी. डीएम प्रगणक बनायेंगे. प्रगणक गणना करने वाले इलाके का नक्शा और ले-आइट स्केच करेंगे. मकान नंबरिंग को सुनिश्चित करेंगे. मोबाइल ऐप में और प्रपत्र में आंकड़ों को भरेंगे.
व्यक्तिगत आंकड़ों में किसी भी तरह के बदलाव या छेड़छाड़ नहीं करेंगे. कोई मकान, कस्बा या क्षेत्र छूटे नहीं इसका ख्याल रखेंगे. गणना के काम में यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या फिर जानकारी देने से इनकार करता है तो गणना कर्मी इसकी जानकारी चार्ज अधिकारी को देंगे जो वे इस संबंध में निर्धारित कार्रवाई करेंगे. यदि कोई गणना कार्य के लिए विभिन्न मकानों- स्थानों पर अंकित चित्र या सूचना हटाता है तो भी पदाधिकारी ही इस संबंध में निर्धारित कार्रवाई करेंगे.




