
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कारा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने राज्य में जेलों में बंद सजायाफ्ता और विचारधीन कैदियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली. कई अहम निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे खुद जिलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था देखेंगे. इस बैठक के बाद यह कहा जा रहा है कि राज्य में जेल के प्रति सीएम गंभीर हैं. वो हर हाल में व्यवस्था दुरुस्त करना चाहते हैं. लेकिन गौर करने वाली बात ही कि आखिर खुद कारा विभाग अपनी सुधार के लिए कितना गंभीर है.
आईजी के पीए के पास जेलरों के ट्रांस्फर-पोस्टिंग का जिम्मा
कारा निरीक्षाणल (गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधीन है) ने 13 अप्रैल को ट्रांसफर से संबंधित एक आदेश निकाला. आदेश में विभाग के कर्मियों और अधिकारियों के कार्य को आवंटित किया गया है. कारा निरीक्षाणल के निदेशक (जेल आईजी) मनोज कुमार हैं. उनके आप्त सचिव का नाम संजय कुमार दीप है. जारी आदेश के मुताबिक संजय कुमार दीप को आप्त सचिव के अलावा मुख्यालय और क्षेत्रीय स्थापना का प्रभार दिया गया है. यानि पूरे राज्य में जेलरों समेत सभी जेल कर्मियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग का जिम्मा जेल आईजी के आप्त सचिव के पास है. जबकि किसी भी अधिकारी के आप्त सचिव को उनके अधिकारी से जुड़े काम के अलावा दूसरा काम आवंटित नहीं किए जाने का प्रावधान है. खासकर स्थापना जैसे गंभीर प्रकृति वाले कार्य तो कतई नहीं.
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