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दांव ठोकते रह गयी आजसू, अध्यक्ष पद लेकर उड़ गयी भाजपा

भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष चितरंजन साव की पत्नी सुनीता देवी बनी बोकारो जिप अध्यक्ष

Bokaro: दांव ठोकते रह गया आजसू और पद लेकर उड़ गयी भाजपा. बिल्कुल सही पढ़ा आपने. मंगलवार को बोकारो जिला के जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ. संख्या बल के आधार पर जीत का दांव ठोक रही आजसू से संबंधित प्रत्याशी बबीता देवी को जोरदार झटका लगा. झटका ऐसा कि शायद ही ऐसी उम्मीद किसी को होगी. 17 जिप सदस्य के समर्थन का दावा बबीता देवी की ओर किया जा रहा था, लेकिन उन्हें सिर्फ 15 वोट ही मिला. एक वोट से उन्हें हार मिली. चुनावी रणनीति में भाजपा ने बारी मार ली. भाजपा ओबीसी मोरचा के जिलाध्यक्ष चितरंजन साव की पत्नी सुनीता देवी ने जीत दर्ज की है. सुनीता देवी को 16 वोट मिला.

जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन के बाद से ही अध्यक्ष पद के लिए शह व मात का खेल शुरू हो गया था. चुनाव दलीय आधार पर नहीं था, बावजूद इसके सभी दल के समर्पित उम्मीदवार थे. बोकारो जिला के 31 में से 09 सदस्य आजसू समर्पित उम्मीदवार विजयी हुए, जबकि भाजपा समर्पित 11 सदस्य की जीत हुई थी. कांग्रेस व झामुमो के 08 व शेष निर्दलीय थे. संख्या बल में भाजपा आगे थी, लेकिन सामाजिक समीकरण में आजसू बाजी मार रही थी. आजसू को उम्मीद भी था कि जीत दर्ज होगी.

आजसू आलाकमान से मिलने के बाद सभी सदस्यों ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की. लेकिन, क्षेत्र में शुरू से ही आजसू के दो उम्मीदवार चास प्रखंड से राजेश महतो व बबीता देवी की चर्चा अध्यक्ष पद के लिए होते रहा. यह चर्चा अंत तक जारी रहा. इसी चर्चा का फायदा दूसरे दल के उम्मीदवार को मिला.

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20 – 20 वोट के लिए पैसा की चर्चा

अध्यक्ष पद के लिए पैसा के पानी की तरह बहाने की चर्चा क्षेत्र में खुलेआम हुई. एक तरह से कहा जा सकता है कि जिला परिषद सदस्यों का डाक बोला जा रहा था. बोली 05 लाख से शुरू होकर 15 लाख तक जाने की चर्चा है. चुनावी जानकार तो यह भी कह रहे हैं कि दोनों उम्मीदवारों ने 20-20 जिला परिषद सदस्य को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया. सदस्यों ने पैसा लिया भी है.

चर्चा तो यह भी है कि बबीता देवी की टीम ने 15 सदस्यों को पिछले दिनों बंगाल का दौरा भी कराया था. यहां कसमार क्षेत्र के एक जिप सदस्य नहीं गये थे और इसी सदस्य ने बबीता देवी को वोट नहीं दिया है. फेसबुक पर इस संबंध में चर्चा जोरों पर है.

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भाजपा से हारी भी भाजपा को हरायी भी

जिप अध्यक्ष के लिए फाइट कर रही आजसू की बबीता देवी अंनत: फाइटर साबित हुई. अध्यक्ष पर के लिए भले ही उन्हें भाजपा प्रत्याशी से शिकस्त मिली, लेकिन उपाध्यक्ष पद के लिए उन्होंने फौरन दावेदारी ठोक कर भाजपा को चित कर दिया. उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के डॉ सुरेंद्र राज उम्मीदवार थे. उनकी जीत लगभग तय थी, लेकिन उन्हें हार नसीब हुई. यहां कुछ वही हुआ जो अध्यक्ष पद के लिए बबीता देवी के साथ हुआ था.

डॉ सुरेंद्र राज का काम भाजपा के समर्पित जिप सदस्यों ने ही बिगाड़ दिया. भाजपा के समर्पित जिप सदस्य उत्तम दास (चंदनकियारी) भी उपाध्यक्ष पद पर दावेदारी ठोकी थी, उन्होने डॉ सुरेंद्र राज का खेल बिगाड़ा. उपाध्यक्ष पद के लिए सुरेंद्र राज को 11 मत मिला, जबकि बबीता देवी को 12 मत मिला.

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