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झारखंड में बढ़ रहे आपराधिक वारदात पर डीजीपी गंभीर, जेवर व्यवसायी हत्याकांड के उद्भेदन को एसआईटी गठित

राजेश पाल हत्याकांड की जांच के लिए डीआईजी रांची के नेतृत्‍व में SIT का गठन

Ranchi: हाल के दिनों में राज्य के कुछ जिलों में घटित अपराधिक घटनाओं को डीजीपी नीरज सिन्हा ने गंभीरता से लिया है. उक्त घटित घटनाओं के उद्भेदन, अपराधियों की गिरफ्तारी एवं अपराध नियंत्रण के लिये बोकारो आईजी, बोकारो और रांची रेंज के डीआईजी, एसएसपी रांची, धनबाद और जमशेदपुर एवम सरायकेला एसपी के साथ विडियों कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक की. इस बैठक में डीजीपी ने हाल के दिनों में राँची, जमशेदपुर, सरायकेला, बोकारो, एवं धनबाद जिला में घटित आपराधिक घटनाओं की चर्चा करते हुए उसके उद्भेदन एवं घटना में शामिल अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी करने का निर्देश देते हुए जिलावार समीक्षा की गई.

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डीआईजी रांची के नेतृत्व में SIT का गठन

पिछले दिनों रांची के डेली मार्केट थाना क्षेत्र में जेवर व्यवसायी राजेश पाल की हत्या का खुलासा और कांड में सलिप्त अपराधकमिर्यों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी रांची के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया.

जिसमें एसएसपी रांची, सिटी एसपी राँची एवं एटीएस एसपी को शामिल किया गया है. वहीं रांची जिला में एंटी क्राईम चेकिग एवं अपराध नियंत्रण हेतु जैप/आईआरबी के दस इको कंपनियों की प्रतिनियुक्ति की गई है.

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अपराध नियंत्रण जिले के पदाधिकारियों को दी गई जिम्मेवारी

  • राज्य में वांछित अपराधकमिर्यों की गिरफ्तारी एवं उनके विरूद्ध कुर्की जब्ती की कार्रवाई.
  • वैसे कांडों जिसका उद्भेदन नहीं हुआ उसके उद्भेदन की कार्रवाई.
  • उद्भेदित कांडो के अनुसंधान, गिरफ्तार अपराधकमिर्यों के जमानत की निगरानी, न्यायालय में वाद विचारण का अनुश्रवण.
  • कुख्यात अपराधकमिर्यों का जमानत रद्द करने की कार्रवाई.
  • महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों बलात्कार, छेडखानी इत्यादि के अनुसंधान एवं उनके सुरक्षा के संदर्भ में निगरानी.
  • जिलों में कायर्रत आपराधिक गिरोहों, अपराधियों का सत्यापन करते हुए उनको प्राप्त होने वाले वित्तीय स्रोतो को रोकना.
  • अपराधियों का डाटाबेस तैयार करना.
  • अपराधियों का भौतिक सत्यापन एवं उनके विरूद्व निरोधात्मक कारर्वाई करना.
  • आवश्यकता आधारित बलों की तैनाती.
  • महत्वपूर्ण कांड का न्यायालय में प्रोरिटी ट्रायल
  • सी.सी.टी.वी कैमरा का प्रभावी उपयोग एवं अधिष्ठापन.
  • आम जनता एवं पीडितों के साथ व्यवहार में सुधार.
  • थाना में प्रतिदिन पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर लक्ष्य निधार्रित करना एवं पिछले दिये गये लक्ष्यों की समीक्षा करना.
  • जिला स्तर पर एसआईयू का संचालन.
  • पुलिस उपधीक्षकों को कांडों के पयर्वेक्षण का टारगेट.
  • शहरी क्षेत्रों में बीट पुलिसिंग.
  • थाना स्तर पर आसूचना संकलन.
  • वैज्ञानिक तकनीक से अनुसंधान.
  • -रंगदारी रोकने के लिये रेलवे साइडिंग पर नजर.
  • जेल एवं जेल में बन्द अपराधियों की निगरानी.
  • टीओपी में बलों प्रतिनियुक्ति एवं गश्ती.
  • हेल्पलाइन नंबर जारी करना, एंटी क्राइम चेकिंग.
  • पदाधिकारियों द्वारा व्यापार के समय गश्ती करने.
  • सभी एसएसपी, एसपी द्वारा अपने अधीनस्थों के साथ प्रतिदिन विडियों काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करना.

अनुपालन कराने की जिम्मेदारी डीआईजी को

डीजीपी ने 24 बिंदु में दिये गये निर्देशो का अनुपालन कराने की जिम्मेवारी क्षेत्रीय डीआईजी को दी है. डीआईजी संबंधित आईजी को अनुपालन प्रतिवदेन समर्पित करेगे. आईजी उक्त कार्य योजना के अनुपालन की मॉनिटरिंग करते हुए आईजी अभियान और सीआईडी को प्रतिवेदन देंगे.

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