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चिटफंड कंपनी डीजेएन ग्रुप के खिलाफ ईडी के स्पेशल कोर्ट ने लिया संज्ञान

Ranchi: मनी लॉड्रिग के आरोपी मेसर्स डीजेएन कमोडिटीज और अन्य आठ आऱोपित पर ईडी के स्पेशल जज दिनेश राय की अदालत ने संज्ञान लिया है. गौरतलब हो कि ईडी ने रांची के लालपुर थाने में चिटफंड कंपनी डीजेएन ग्रुप के खिलाफ वर्ष 2016 में दर्ज प्राथमिकी व चार्जशीट के आधार पर कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक जितेंद्र मोहन सिन्हा, विशाल कुमार सिन्हा, प्रशांत कुमार सिन्हा व इवाटोली संतोष के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था. ईडी को अनुसंधान के दौरान यह जानकारी मिली कि डीजेएन कमोडिटिज मुंबई की एमसीएक्स कंपनी से पंजीकृत थी. इसके प्रोपराइटर विशाल कुमार सिन्हा थे. निवेशकों को भारी ब्याज का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है.

सभी आरोपितों ने एक साजिश के तहत मिल-जुलकर डीजेएन कमोडिटीज (ऑफलाइन) नाम से निवेशकों से रुपयों को ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर जमा करवाया. यह झांसा दिया कि प्रति माह उच्च ब्याज देंगे. इसके बाद निवेशकों के पैसे लेकर वे फरार हो गए.

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जब्त की गयी है, 1.66 करोड़ की संपत्ति

ईडी ने 2 जनवरी 2020 को डीजेएन ग्रुप की 1.66 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी. गढ़वा, लातेहार व रांची में स्थित जमीन व अचल संपत्ति के अलावा 14 बैंक खातों में पड़े 5.73 लाख रुपये नकदी व पांच गाड़ियां शामिल थी. उक्त संपत्ति डीजेएन ग्रुप के जितेंद्र मोहन, विशाल कुमार सिन्हा, प्रशांत कुमार, मेसर्स डीजेएन ज्वेलर्स, राम किशुन ठाकुर व डीजेएन ग्रुप की सहयोगी संस्थाओं से संबंधित है.

बता दें कि निवेशकों को भारी ब्याज का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली चिटफंड कंपनी डीजेएन ग्रुप के खिलाफ सीबीआइ में भी मामला दर्ज है.

सीबीआइ की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पलामू के टाउन थाने में 27 जुलाई 2016 को दर्ज प्राथमिकी को टेकओवर करते हुए यह प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें ग्रुप के नौ नामजद व अन्य को आरोपित बनाया गया था.

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