
Udaipur: उदयपुर में जारी कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर का आज अंतिम दिन है. शिविर के दौरान अब तक दो दिनों में पार्टी के जिन रीति व नीति में बदलाव को लेकर चर्चा हुई है उससे जुड़े सभी मसौदों पर आज अंतिम मुहर लग सकती है. करीब नौ बजे वर्ष बाद आयोजित चिंतन शिविर को आज राहुल गांधी भी संबोधित करेंगे. इस शिविर में पार्टी के 400 से अधिक प्रमुख नेता भाग ले रहे हैं.
मालूम हो कि हाल में पांच राज्यों विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है. इस आयोजन का मकसद हार के कारणों की समीक्षा के साथ ही भविष्य की रणनीति तय करना है. जाहिर है इसमें 2024 लोकसभा चुनाव की रणनीति भी तैयार हो रही है. शिविर के मसौदे की घोषणा के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. जो आज पार्टी से जुड़े मसौदे की घोषणा करेगी.
अब तक मिल रहे संकेत के अनुसार राजनीतिक वापसी के लिए कांग्रेस पार्टी सामाजिक दांव खेलने की तैयारी में है. चिंतन शिविर में साफ संकेत देते हुए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण कोटे के भीतर ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा देने का समर्थन किया है. इसी कड़ी में पार्टी ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में ओबीसी, एससी-एसटी के लिए आरक्षण की वकालत की है. देश के सियासी समीकरणों को गहरे रूप से प्रभावित करने वाले इन मुद्दों पर अपनी गंभीरता का संदेश देने के लिए कांग्रेस ने पार्टी संगठन के हर स्तर पर ओबीसी, एससी-एसटी, महिलाओं और अल्पसंख्यकों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव कांग्रेस कार्यसमिति के समक्ष रख दिया है.
शिविर के दूसरे दिन कांग्रेस नेता ने कहा कि सिर्फ संगठनात्मक बदलाव से ही पार्टी की पुरानी प्रतिष्ठा वापस नहीं लौटने वाली है. मौजूदा राजनीति की हकीकत के अनुरूप सामाजिक समीकरणों को दुरुस्त करके ही पार्टी अपने सियासी आधार को बढ़ा सकती है. मालूम हो कि संगठनात्कम बदलाव के मद्देनजर पार्टी टिकट बंटवारे से लेकर पद बंटवारे तक की नीति तय करने जा रही है. अभी तक स्पष्ट हो रहा है कि एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट मिलेगा. ओबीसी वर्ग के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव पर सलमान खुर्शीद ने कहा कि अभी इसको लेकर चर्चा शुरू हुई है. हम मानते हैं कि समय की मांग है कि इस पर आगे बढ़ा जाए. कांग्रेस कार्यसमिति इस प्रस्ताव पर रविवार को विचार करके अंतिम फैसला लेगी.




