
Ranchi: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगाना अनिवार्य होगा. निर्वाचन आयोग के द्वारा दिए गये नामांकन पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगाना होगा. राज्य के अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए चुनाव लड़ने के लिए कास्ट सर्टिफिकेट बनाना जरूरी है. अगर जाति प्रमाण पत्र नहीं होगा तो वे चुनाव नहीं लड़ पायेंगे. ऐसे में पहले चरण के उम्मीदवारों को काफी परेशानी हो गयी है. चूंकि नौ अप्रैल को चुनाव की घोषणा हुई और 16 अप्रैल से ही पहले चरण के लिए नामांकन प्रारंभ हो गया है. अभी भी एसटी-एससी वर्ग के कई ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है. अब वे अंचल कार्यालयों में आवेदन दे रहे हैं और यह प्रयास कर रहे हैं कि उनका जाति प्रमाण पत्र अविलंब बनाकर तैयार कर दिया जाये.
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पहले चरण में 21 जिलों के 1127 ग्राम पंचायतों व 72 प्रखंडों में चुनाव होना है. नामांकन शुरू है,23 अप्रैल तक अंतिम नामांकन करना है. ऐसे में इस बीच विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए नामांकन का कार्य करना है. इसके लिए जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है. बता दें कि पहले चरण के लिए 14 मई को मतदान है. इसके अलावा प्रत्याशी को नामांकन के समय कई जानकारी उपलब्ध करानी है. शपथ पत्र भी देना है.
ओबीसी सीट हुई ओपेन, सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी
झारखंड सरकार ने ओबीसी सीट को सामान्य सीट में मान लिया है. ओपेन कैटेगरी सीट होने की वजह से इसमें अब सभी लोग चुनाव लड़ पायेंगे. सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है. बता दें कि,झारखंड में चार चरणों में पंचायत चुनाव हो रहा है. इन चरणों के उम्मीदवारों को भी जाति प्रमाण पत्र बनाना होगा,इसके लिए मूल निवासी होने का प्रमाण भी देना होगा.
ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में 21 को सुनवाई
सूबे में ओबीसी वर्ग को आरक्षण नहीं दिए जाने के झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर हुआ है. इसकी सुनवाई 21 अप्रैल को है.




