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Super Speciality Sadar Hospital – तीन साल से हाईकोर्ट को गुमराह कर रहा विभाग, नहीं हो सका हैंडओवर

Ranchi: स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर दावे किए जाए रहे हैं. मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के अधिकारी उपलब्धियां गिनाने में लगे हैं. लेकिन राजधानी के एक सदर हॉस्पिटल को चालू कराने में साल दर साल का समय बीतता जा रहा है. इसके बाद भी हॉस्पिटल को पूरी तरह से चालू कराने में स्वास्थ्य विभाग फेल हो गया है. इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग और एजेंसी मिलकर हाईकोर्ट को 3 साल से अधिक समय से गुमराह करने में लगा है. जिससे समझा जा सकता है कि न तो मंत्री को कार्रवाई का डर है और न ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को. हॉस्पिटल की बिल्डिंग हैंड ओवर मामले में सवाल पूछने पर स्वास्थ्य मंत्री ने भी चुप्पी साध ली.

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2019 में कंटेप्ट आफ कोर्ट फाइल

सदर हॉस्पिटल की बिल्डिंग 2014 में पूरी तरह से तैयार हो गयी थी. अपर बाजार के समाजसेवी ज्योति शर्मा के द्वारा पीआइएल दाखिल किये जाने के बाद अगस्त 2017 में स्वास्थ्य विभाग और सरकार ने 200 बेड का सदर हॉस्पिटल को चालू किया. इसके बाद हॉस्पिटल को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से युक्त करते हुए चालू करने की डेडलाइन 31 दिसंबर 2018 दी गई. लेकिन यह डेडलाइन भी फेल हो गई. इसके बाद हाइकोर्ट में कंटेंट ऑफ कोर्ट फरवरी 2019 में किया गया. जिसके बाद भी तीन साल का समय बीत गया.

सुप्रीम कोर्ट जाने की है तैयारी

पीआईएल करने वाले ज्योति शर्मा का कहना है कि पहले तो हॉस्पिटल चालू कराने के लिए पीआईएल करना पड़ा. इसके बाद हॉस्पिटल के संचालन के लिए डेडलाइन दी गई. जब डेडलाइन फेल हो गई तो कंटेप्ट आफ कोर्ट किया गया. इतने सालों में हरबार हॉस्पिटल को पूरी तरह से चालू करने की नई डेट दी गई. लेकिन कभी भी समय पर काम पूरा नहीं हुआ है. अब जैसे ही हाईकोर्ट से कोई आदेश आता है तो वे सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे.

सीएस का हैंडओवर लेने से इंकार

हॉस्पिटल में एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है. इसलिए हॉस्पिटल को सुपरस्पेशियालिटी का नाम दिया गया. जिससे कि मरीजों को वर्ल्ड क्लास की फैसिलिटी मिल सके. कुछ सुविधाएं हॉस्पिटल में शुरू भी की गई. लेकिन सुपरस्पेशियालिटी सुविधाओं के लिए अभी 6 महीने का इंतजार करना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में सिविल सर्जन ने भी अधूरी बिल्डिंग हैंडओवर लेने से फिलहाल इनकार कर दिया है.

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