
Giridih: अवैध उत्खनन की वजह से माइका खदान में चाल धंसना और उससे हो रही मौत की खबर लगातार मिल रही है. ताजा मामला सोमवार दोपहर की है. जहां गावां थाना क्षेत्र के पालमो जंगल स्थित मुड़गड़वा माइका खदान में चाल धंसने से दो लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में शुकर हांसदा और सावना हांसदा शामिल है. दोनों गिरिडीह के तिसरी थाना के रंगामाटी गांव के रहने वाले थे. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे परिजनों ने दोनों के शव को अपने गांव लेते गए.
जानकारी के मुताबिक गांवा थाना क्षेत्र के धर्वेनावाडीह गांव के मुड़गड़वा जंगल के पहाड़ी इलाके में दोपहर के वक्त माइका के अवैध खदान में 50 की संख्या में बच्चों से लेकर महिलाएं और ग्रामीण घुसे थे. इसी दौरान हादसा हो गया जिसमें रंगामाटी गांव के शुकर हांसदा और सावना हांसदा की मलबे में दबकर मौत हो गयी. जबकि पांच से अधिक लोग जख्मी हो गए.
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घायलों में ढुनु हांसदा, ननकी देवी, गांवा के चदगो गांव निवासी गुलो राय और इसी गांव के बद्री यादव की बेटी आरती शामिल है.

वैसे घटना के दौरान हैरान करने वाली यह बात भी सामने आई कि खदान में अधिकांश 14 से 15 साल उम्र के बाल मजदूर ही माइका खदान में घुसे थे.
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गनीमत रही कि मुड़गड़वा के जिस माइका खदान में भू-धंसान हुआ. उसकी आवाज सुनकर कई लोग बाहर निकल गए. नहीं तो खदान में दबने से कई और मजदूरों की जान जा सकती थी.
जानकारी के अनुसार इस अवैध खदान को जंगल के आस-पास के रहने वाले कारोबारी चला रहे हैं. इनमें शंभू यादव, सिकंदर यादव और विनोद यादव का नाम सामने आ रहा है.
कहा ये भी जा रहा है कि खदान धंसने की जानकारी वक्त पर गांवा रेंजर अनिल कुमार को दे दी गई थी. इसके बाद भी वो घटना से इनकार करते रहे. वैसे गांवा में बड़े पैमाने पर माइका का अवैध उत्खनन की शिकायत जिला खनन विभाग को मिलती रही है. इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होना, कई सवाल खड़े करता है.
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