
Jamshedpur : झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के आवाहन पर पूर्वी सिंहभूम एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के नेतृत्व में जिलों के सभी एमपीडब्ल्यू स्वास्थ्य कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीसरे दिन बुधवार को भी विरोध दर्ज करते हुए अपने शरीर पर अपनी मांगों से बना तख्ती लगाकर कार्य किया. विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि एमपीडब्ल्यू की बहाली 2008 में हुई थी. 13 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक एमपीडब्ल्यू का समायोजन विभाग में नहीं किया गया है. ना ही 2016 से 6 वर्ष के दौरान एमपीडब्ल्यू के मानदेय में एक रुपये की बढ़ोतरी की गयी है. यह विभाग और राज्य सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। जबकि एमपीडब्ल्यू अपने मूल कार्य के अलावा इस कोरोनाकाल में सबसे पहले पायदान पर रहकर आज लगातार 3 सालों से फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में कार्य कर रहे है. विभाग और राज्य सरकार भी मानती है लेकिन एमपीडब्ल्यू के आर्थिक कठिनाइयों की चिंता ना ही विभाग कर रही है और ना ही राज्य सरकार. जबतक एमपीडब्ल्यू की सभी मांगों को माना नहीं जाता है तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. मांगें नहीं पूरी होने पर राज्य के सभी एमपीडब्ल्यू पूर्ण रूप से हड़ताल पर जा सकते हैं. यह जानकारी संघ के अध्यक्ष वरुण पाल ने दी.
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