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सड़क निर्माण के लिए राशि की मांग एवं भुगतान के काम में बरती जा रही कोताही, काम धीमा

Ranchi:  झारखंड में पथ निर्माण विभाग में आवंटन की मांग एवं भुगतान के कार्य में शिथिलता बरती जा रही है. विभिन्न पथ प्रमंडल द्वारा योजनाओं के विरूद्ध किए गये व्यय की समीक्षा में यह पाया गया है कि स्वीकृत राशि की तुलना में आवंटन की मांग काफी कम है. पथ निर्माण विभाग ने 2050 करोड़ से अधिक की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति दी है, लेकिन इसके विरूद्ध 850-900 करोड़ राशि ही खर्च की गयी है.

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लोहरदगा,रांची ग्रामीण,गुमला,मनोहरपुर,चतरा पथ प्रमंडल में राशि व्यय की स्थिति सबसे खराब है. उपलब्ध कराये गये आवंटन के खर्च करने में भी अनावश्यक विलंब की भी सूचना सरकार को मिली है. पथ निर्माण सचिव ने इसे गंभीरता से लिया है और सभी कार्यपालक अभियंताओं को स्वीकृति के अनुरूप योजना कार्यान्वयन में प्रगति लाने उसके भुगतान के आवंटन की मांग करने एवं उपलब्ध करायी गयी, आवंटन का व्यय जल्द करने का निर्देश दिया है. पथ सचिव सुनील कुमार ने  इंजीनियरों को स्वीकृति के अनुरूप कार्य की प्रगति कराये जाने एवं इसके अनुसार आवंटन की मांग करने तथा प्राप्त आवंटन का भुगतान सात दिनों के अंदर सुनिश्चित करने को कहा है. इसके लिए विभाग ने पहले भी दिशा-निर्देश दिया है. सचिव ने आवंटन कीमांग एवं भुगतान  में शिथिलता बरते जाने को गंभीरता से लिया है और बजटीय उपबंध एवं स्वीकृति के अनुरूप समानुपातिक व्यय नहीं किए जाने पर रोष जताया है. सचिव ने इसे गंभीरता  से लेने का निर्देश दिया है और भविष्य में इसे सुधार करने को कहा है.

 

इन पथ प्रमंडल की स्थिति ठीक नहीं

प्रमंडल का नाम     प्रशासनिक स्वीकृति की राशि करोड़ संचयी    व्यय करोड़ में

रांची                    310.94                                                   75.17

गिरिडीह              483.92                                                   178.80

देवघर                 521.08                                                   189.10

जमशेदपुर           515.44                                                   279.69

लातेहार              219.44                                                   128.08

 

 

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