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कास्ट सर्टिफिकेट हासिल करने में निकल रही झारखंडी युवा की हवा, 19 हजार आवेदन पेंडिंग

कार्मिक सचिव ने अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी

Nikhil Kumar

Ranchi. झारखंड सरकार ने 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित किया है, पर सरकारी मशीनरी के निकम्मेपन का आलम ये है कि नौकरियां तो छोड़ दीजिए, युवाओं को कास्ट, रेजिडेंसियल और इनकम सर्टिफिकेट तक नहीं मिल पा रहा है. राज्य में जाति प्रमाण पत्र के 19 हजार आवेदन 30 दिनों से भी ज्यादा वक्त से पेंडिंग हैं. प्रमाण पत्र निर्गत न होने की वजह से हजारों युवा नौकरी, छात्रवृत्ति, एडमिशन और सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. तारीखें निकलती जा रही हैं और सरकार एवं प्रशासनिक तंत्र में किसी तरह की हरकत नहीं है. यह हाल तब है, जब सरकार ने सरकारी सेवा गारंटी अधिनियम नामक जो कानून लागू कर रखा है, उसके मुताबिक आवेदन के अधिकतम 10 से 30 दिनों के भीतर जाति प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जाना चाहिए.

कार्मिक सचिव ने कहा-आवेदन लंबित रहे तो होगी कार्रवाई

इस बीच कार्मिक सचिव वंदना दादेल ने राज्य में 19 हजार से अधिक जाति प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित रहने के मामले को गंभीरता से लिया है. कार्मिक सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर कहा है कि अब भी राज्य में जाति प्रमाण पत्र के लिए बड़ी संख्या में झारसेवा पोर्टल में आवेदन लंबित हैं, जो असंतोषजनक है. सचिव ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे आवेदनों को लंबित रखना कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता माना जायेगा जिसके आधार पर दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी. सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द निष्पादित कराते हुए जीरो पेंडेंसी करने एवं इसके बाद जीरो पेंडेंसी बनाये रखने के लिए समय पर कार्रवाई करें.

खुद बोलते हैं सरकार के आंकड़े

बड़ी संख्या में जाति प्रमाण पत्र पेंडिंग रहने से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति,पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर (इडब्ल्यूएस) वर्ग के अभ्यर्थियों चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं. युवा अंचल कार्यालय से लेकर एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. सरकार के ही आंकड़े बोलते हैं कि राज्य में जाति प्रमाण पत्र के 571229 आवेदन आये हैं. जिनमें से 392962 निर्गत हुए. 49 हजार से अधिक आवेदन रिटर्न हुए हैं, 41 हजार से अधिक रिजेक्ट किए गये हैं. राज्य में लगभाग 4.83 लाख आवेदन अब तक निष्पादित किये गये हैं. 68 हजार से अधिक आवेदन अंडर प्रोसेस हैं, वहीं 19 हजार अभी भी लंबित हैं. सबसे अधिक पेंडेंसी रांची जिले में है, जहां 4936 आवेदन लंबित हैं. हजारीबाग में 2353 और सरायकेला-खरसावां जिला में 1229 आवेदन पेंडिंग हैं. कोडरमा जिले में सबसे कम 70 आवेदन पेंडिंग हैं. सरकारी नियमों के अनुसार स्कूल-कॉलेजों में नामांकन, छात्रवृति, निजी या सरकारी नौकरी आदि काम के लिए आवेदन करने में सभी जगहों में आवेदकों के लिए अपना जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है.

जीरो पेंडेंसी के प्रावधान की उड़ रही धज्जियां

झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 के अंतर्गत 29 दिसंबर 2020 से झारसेवा अभियान प्रारंभ किया गया है. इसके तहत सेवा प्रदान कराने से संबंधित सभी  मामलों में जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित की जानी. लेकिन केवल जाति प्रमाण पत्र के 19 हजार से अधिक आवेदनों का पेडिंग रहना बताता है कि किस तरह सरकारी दावे की धज्जियां उड़ रही हैं.

क्या है जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया

सारकारी आदेश के अनुसार जाति-आय प्रमाण पत्र 15 से 30 दिनों के अंदर निर्गत करना है. आवेदन पर ग्रामीण मुंडा मानकी अथवा पंचायत के मुखिया के जांच प्रतिवेदन और अंचल कर्मचारी और अंचल निरीक्षक के जांच प्रतिवेदन के आधार पर निर्धारित समय सीमा में प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जाना चाहिए.

 

 

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