
Ranchi: गुमला बाइपास निर्माण का काम समय पर पूरा नहीं होने पर इंजीनियर-ठेकेदार से पथ निर्माण विभाग ने कड़ी नाराजगी जतायी है. इंजीनियर इन चीफ मुरारी भगत ने इसकी समीक्षा की है. तय समय-सीमा 31 मार्च 2021 तक काम पूरा करने में विफल रहे संवेदक के साथ-साथ अॅथॉरिटी इंजीनियर पर जवाबदेही तय करने का निर्देश चीफ इंजीनियर एनएच को दिया है. नेशनल हाइवे 78 और नेशनल हाइवे 23 के इस पथ में तीन माइनर ब्रिज का काम पूरा हो गया है और पहुंच पथ कार्य प्रगति पर है, लेकिन अभी तक दो मेजर ब्रिज के अधूरे कार्य को फिर से प्रारंभ नहीं किया गया है.
इसे भी पढ़ेंःएटीएम में पैसा भरने वाली एजेंसी को झांसा देकर विभिन्न बैंकों के 1.45 करोड़ रुपये का गबन, मामला दर्ज
इन पुलों का निर्माण लंबे समय से बंद पड़ा है. हालांकि,पूरे बाइपास सड़क का काम लगभग 70 फीसदी तक पूर्ण हो गया है, लेकिन अभी भी इस रोड में अवस्थित वन भूमि में स्टेज-1 क्लीयरेंस के बाद वर्किंग परमिशन 18 जुलाई तक मिला था वह भी अब लैप्स हो गया. अभियंता प्रमुख ने इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है साथ ही हर 10 दिन में अधीक्षण अभियंताऔर हर माह मुख्य अभियंता को संबंधित ठेकेदार व इंजीनियर के साथ समीक्षा बैठक कर सड़क निर्माण में आ रही कठिनाई को दूर करने का निर्देश दिया है. अभियंता प्रमुख ने वन भूमि क्लीयरेंस में देरी पर भी नाराजगी जतायी है और प्रमंडल स्तर के पदाधिकारी व कर्मचाचारियों के लापरवाही का परकाष्ठा बताया है.
अभियंता प्रमुख जल्द सारी कार्यवाही पूरी काम प्रारंभ करने का निर्देश दिया है. बता दें कि इस बाइपास के बनने से इलाके लोगों को काफी फायदा मिलेगा. एनएच पर चलने वाले वाहन बाइपास के जरिये निकल जायेंगे. शहर के बीच से उन्हें गुजरना नहीं होगा. हर दिन जाम से भी मुक्ति मिलेगी.




