
New Delhi: संभवतः यह देश का पहला मामला है जब किसी मौजूदा सांसद को मतदाताओं को रिश्वत देने के आरोप में जेल की सजा सुनाई गई है. तेलंगाना की सांसद कविता मलोद और उनके सहयोगी शौकत अली को मतदाताओं को घूस देने का दोषी पाया गया है. कविता तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस से महबूबाबाद से सांसद है. छह माह का कारावास व दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. हालांकि, दोनों को जमानत भी मिल गई.
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विशेष अदालत ने सत्ताधारी टीआरएस की महबूबाबाद की सांसद कविता मलोद को 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को रिश्वत देने का दोषी करार दिया. जज आरआर वाराप्रसाद ने उन्हें रिश्वत देने यानी आईपीसी की धारा 171-ई के तहत सजा सुनाई. सांसद के सहयोगी शौकत अली को चुनाव आयोग के उड़नदस्ते ने मतदाताओं को नकदी बांटते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. अली ने स्वीकार किया, उसने सांसद के कहने पर पैसे बांटे थे। इस मामले में तब बरगामपहद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. मामले का पहला आरोपी शौकत अली व दूसरा आरोपी सांसद कविता है.
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जनप्रतिनिधियों के आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए मार्च 2018 में विशेष अदालत का गठन हुआ था. विशेष अदालत ने इससे पहले हैदराबाद के भाजपा विधायक राजा सिंह को पुलिस अधिकारी को पीटने और टीआरएस विधायक दानम नागेंद्र को अपने समर्थकों को सरकारी अधिकारी पर हमले के लिए उकसाने के मामले में सजा सुना चुकी है.




