
Palamu: पलामू जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के सिरिनिया डैम में लॉकडाउन के दौरान किसी तरह मछली पालन कर गुजर-बसर कर रहे मछुआरों के समूह पर गुरुवार के दिनदहाड़े हमला बोला गया. लाठी-डंडे से लैस 30 से 40 असामाजिक तत्वों ने आधा दर्जन मछुआरों को जमकर पीटा.
इससे दो अधेड़ मछुआरों की स्थिति गंभीर हो गई, जबकि 3-4 मछुआरों को हल्की चोटें आई. मछुआरों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई. मौखिक सूचना मिलने पर पिपरा पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है.
बताते चलें कि वर्ष 2020 में भी मई के महीने में ही कई असामाजिक तत्वों ने सिरिनिया डैम में मछली पालन कर रहे इन मछुआरों पर हमला बोला था. मारपीट के बाद आगजनी कर मछुआरों के टेंट, तंबू और जाल में आग लगा दी थी.
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जानकारी के अनुसार अजनिया मत्स्य जीवी सहयोग समिति लिमिटेड से जुड़े मछुआरे सिरिनिया डैम में इन दिनों मछली पालन कर रहे हैं. गुरुवार को मछली मारने के बाद लिमिटेड से जुड़े सदस्य मछली बेचने हरिहरगंज बाजार गए थे.
करीब 12 बजे के समय छह से सात लोग डैम परिसर में ही खाना खा रहे थे. इसी बीच 30 से 40 की संख्या में लोग वहां पहुंचे. सभी लाठी-डंडे से लैस थे. अचानक हमला बोल दिया और मारपीट शुरू कर दी.

हमले में सुरेश चौधरी और कपिल देव चौधरी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. दोनों के सिर और हाथ में बुरी तरह चोट आई है. इनके अलावा सुरेंद्र चौधरी लाला चौधरी अमित सहित अन्य को भी चोटें आई हैं.
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जख्मी कपिल देव और सुरेश चौधरी को इलाज के लिए हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. सभी मछुआरे हरिहरगंज थाना क्षेत्र के अररुवाखुर्द के रहने वाले हैं.
पिपरा थाना प्रभारी अभिजीत गौतम ने बताया कि अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से किसी तरह का कोई आवेदन नहीं मिला है. हालांकि मौखिक सूचना पर पुलिस छानबीन में जुटी हुई है.
उन्होंने कहा कि ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी.
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