
New Delhi: सकारात्मक सोच के साथ घर में रहकर भी कोरोना से लड़ सकते हैं. यह कहना है विकासपुरी के सोसायटी फ्लैट में रहने वाली सोनिया का. जिनकी कोविड रिपोर्ट आठ दिन पहले ही निगेटिव आई है. फेडरेशन ऑफ कॉपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी की अध्यक्ष सोनिया बताती हैं कि पहले मुझे फीवर महसूस हुआ. तब देखा कि मुझे 99 डिग्री फीवर था, जब प्राइवेट लैब में चेकअप करवाया था तो मेरी रिपोर्ट निगेटिव आई. लेकिन, बॉडी में दर्द रहता था.
पूरा परिवार था क्वारंटीन
चूंकि मैं रेलवे में काम करती हूं तो मैंने रेलवे के अस्पताल में जाकर जांच करवाई. तब पता चला मुझे कि कोविड हो गया. उसके बाद होम आइसोलेशन में रही. इस दौरान मेरा पूरा परिवार क्वॉरंटीन था. मेरी छोटी बेटी ने मेरी बहुत सेवा की. हर चीज का ध्यान रखती थी. खाने से लेकर सब चीजों का. मुझे यह डर लग रहा था कि वो कैसे संभाल पाएगी. मगर उसने बहुत समझदारी से पूरा हालात को संभाला. अपने छोटे भाई का भी ख्याल रखा और मेरा भी.
तो पेट के बल सो जाती थी
सोनिया बताती हैं कि 14 दिन घर में रहते हुए हमेशा मेरी सोच पॉजिटिव बनी रही. कभी मुझे ऐसा लगता कि सांस नहीं आ रही है तो पेट के बल सो जाती थी, स्टीम लेती थी. हमेशा कॉमिडी नाटक वगैरह देखती थी. साथ ही, आयुर्वेद की तरफ मेरा ज्यादा झुकाव रहा. उनके मुताबिक, अगर हम हमेशा यही सोचते रहेंगे कि कोरोना हो गया है तो घबराहट होने लगती है और फिर ऑक्सीजन लेवल ड्रॉप होने लगता है. जिसकी वजह से यह बीमारी जानलेवा रूप ले लेती है.
सोच हमेशा सकारात्मक रखें
ऐसे में जरूरी है कि हमेशा सकारात्मक सोचें जिससे आराम से इस लड़ाई को जीत सकते हैं. उन्होंने कहा, मैं अपनी सोसायटी की अध्यक्ष भी हूं तो ऐसे में मेरे सोसायटी के अंदर जो लोग पॉजिटिव आते हैं उन्हें कॉल करके समझाती हूं. साथ ही ध्यान रखती हूं कि उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो.
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