
New Delhi: देश में कोरोना की दूसरी लहर हाहाकार मची हुई है. करीब दस दिनों से रोजाना मिल रहे रिकॉर्डतोड़ मरीजों के बीच रेमडेसिविर दवा की डिमांड काफी बढ़ गई है. कई राज्यों में इस दवा कि भारी किल्लत हो गई है. केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में रेमडेसिविर की कमी नहीं है, साथ ही यह भी कहा है कि घर पर इलाज करा रहे मरीजों को रेमडेसिविर नहीं दी जायेगा. अब अस्पताल में भर्ती ऑक्सीजन पर आश्रित मरीजों को ही यह दवा दी जायेगी.
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि चिकित्सकों को रेमडेसिविर का ‘विवेकपूर्ण एवं न्यायसंगत’ उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए. साथ ही कहा कि इसे अस्पतालों में कोविड-19 के सिर्फ गंभीर रोगियों को ही दिया जाए, यह घर पर उपयोग के लिए नहीं है।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल ने कहा, ”रेमडेसिविर का उपयोग सिर्फ उन्हीं मरीजों के लिए किया जाए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने और बाहर से ऑक्सीजन देने की जरूरत है. घर पर और हल्के लक्षणों वाले संक्रमण के मामलों में इसके उपयोग का कोई सवाल ही नहीं है तथा इसे दवा दुकान से नहीं खरीदना है.
मालूम हो वायरस रोधी रेमडेसिविर की मांग दूसरी लहर में काफी अधिक हो गई है. कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज को भी यह दवा दी जा रही है. माना जा रहा है कि इसी वजह से किल्लत जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. कई जगहों से ऊंचे कीमत पर इस दवा के खरीद हो रही थी. दवा की कमी को देखते हुए भारत ने रविवार को रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है.




