
Ranchi. कोरोना को लेकर चैलेंज लगातार सामने आ रहे हैं. कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है. अप्रत्याशित रूप से मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती भी बढ़ायी है. राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन (जीवन रक्षक इंजेक्शन) की कमी सामने आने लगी है. प्राइवेट और सरकारी, दोनों स्तरों पर यह संकट उत्पन्न हो गया है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर जारी किया है. फिलहाल उसने 500 वायल रेमडेसिविर इंजेक्शन (100 एमजी) के लिये प्रस्ताव दिया है. 10 अप्रैल तक इसकी बिड सप्लायर जमा कर सकते हैं.
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कोरोना से निपटने में मददगार है रेमडेसिविर
असल में रेमडेसिविर एक एंटी वायरल ड्रग है. इसका उपयोग कोरोना के सिम्टोमैटिक के अलावे गंभीर संक्रमितों में भी किया जाता है. क्लीनिकल ट्रायल के साथ इमर्जेंसी में इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति दी गयी है. इसे जीवन रक्षक दवा के तौर पर देखा जाता है. क्रिटिकल केयर डॉक्टर विशेष परिस्थिति में मरीजों को इसे देते हैं. इसी आधार पर रेमडेसिविर की खरीद के लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (अभियान निदेशक) की तरफ से इसके लिये पहल करते हुए टेंडर जारी किया गया है.
विभाग की तरफ से जारी टेंडर के अनुसार टेंडर संबंधी जानकारी https://jharkhandtenders.gov.in से ली जा सकती है. इसके मुताबिक टेंडर के लिये बिड जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 10 अप्रैल तक बिड जमा किये जा सकते हैं. 12 अप्रैल को बिड खुलेगा. सप्लायरों को निर्धारित शर्तों के अनुसार वेबसाइट पर टेंडर संबंधी जरूरी कागजात जमा करने होंगे.
इसी तरह से कोरोना संकट से निपटने को मेडिसिन किट की जरूरत पड़ रही है. सिविल सर्जन कार्यालय लातेहार के अलावे दूसरे जिलों में भी टेंडर जारी करके कीट की मांग सप्लायरों से की जा रही है.
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लगातार स्टॉक क्राइसिस
दवा स्टॉकिस्टों की मानें तो झारखंड में रेमडेसिविर की खपत करीब 2000 से 3,500 वायल प्रतिदिन की है. रांची में कोरोना केस लगातार बढ़े हैं और मरीज भी. यहां अस्पतालों में भर्ती संक्रमितों के लिए हर दिन 800 वायल दवा तक की जरूरत पड़ रही है. फिलहाल 50 से 100 वायल ही दवा मिल पा रही है. एक मरीज को चार से छह वायल दवा के डोज की जरूरत होती है. रेमडेसिविर शुरू होने पर दवा की पूरी डोज को लेना जरूरी है. इस इंजेक्शन की कीमत 2000 से 4500 रुपये के बीच तक है.
लगातार बनी हुई है नजर
ड्रग कंट्रोलर रितु सहाय के मुताबिक रेमडिसिवर की जरूरतों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. अभी स्थिति नियंत्रण में है. सरकार (एनआरएचएम) के स्तर से टेंडर जारी किया गया है. जल्दी ही स्टॉक और भी मजबूत होगा.




