
Ranchi: आठ साल पहले मानव तस्करी की शिकार हुई खूंटी के रनिया प्रखंड के सोदे गांव की बेटी के लिए अब जिंदगी बोझ सी लगने लगी है. वो चलने में भी असमर्थ थी. भाई ने भी उसका साथ छोड़ दिया. लेकिन अब उस बच्ची का इलाज अस्पताल में चल रहा है. ये सब जेएसएलपीएस टीम की वजह से ही संभव हो पाया है. आठ साल पहले पांच मंजिला मकान से गिर जाने के कारण पीड़िता के रीढ़ की हड्डी टूट गई थी. उसका ऑपरेशन कराकर दो रॉड रीढ़ की हड्डी के साथ लगाया गया था, जिसमें से एक रॉड अब उसके शरीर से बाहर निकल आया है और इस कारण वह रातों को सो भी नहीं पा रही है.
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जब जेएसएलपीएस टीम की नजर उस लड़की पर पड़ी तो कर्मियों ने तत्काल इसकी जानकारी खूंटी के डीपीएम शैलेश रंजन को दी. जिसके बाद डीपीएम ने इस संबंध में अपने सीईओ राजीव कुमार, खूंटी के डीसी शशि रंजन से बातचीत की. जेएसएलपीएस के सामाजिक विकास प्रभाग ने पीड़िता का राशन कार्ड, आधार कार्ड, गोल्डेन कार्ड समेत सभी दस्तावेज तैयार कराकर उसे सदर अस्पताल में दस फरवरी को भर्ती कराया. जहां से उसे रिम्स और अब एम्स रेफर कर दिया गया है.
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पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से बात की
पीड़िता को एम्स दिल्ली में भर्ती कराने को लेकर पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा ने केंद्रीय मंत्री सह खूंटी के सांसद अर्जुन मुंडा से बात की है. जिसके बाद यह उम्मीद जगी है कि शायद पीड़िता का इलाज एम्स में हो पाएगा.
हरियाणा में एक डॉक्टर दम्पति के घर काम करती थी
पीड़िता आठ साल पहले अपने माता-पिता के देहांत होने के बाद सोदे गांव के एक व्यक्ति शिवा ठाकूर के द्वारा दिखाये गए सब्जबाग के चक्कर में फंसकर 13 वर्ष की उम्र में दिल्ली चली गई थी. जहां से उसे हरियाणा में एक डाक्टर दम्पति के घर काम पर लगाया गया. जहां उसने तीन महीने काम किया ही था कि एक दिन पांच मंजिले मकान से नीचे गिर गई और उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई. डॉक्टर दम्पत्ति ने उसका इलाज कराया और उसके बाद पुन: शिवा ठाकूर ने उसे रनिया पहुंचा दिया.
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