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पटना से बना था डॉन दाऊद के करीबी अब्दुल माजिद कुट्टी का पासपोर्ट

जमशेदपुर से पहले मलेशिया में था, दुबई- बैंकाक के रास्ते यहां पहुंचा था

Ranchi: दाऊद इब्राहिम का करीबी अब्दुल माजिद कुट्टी को जमशेदपुर के मानगो स्थित बारी मस्जिद के पास से गिरफ्तार किया गया था. माजिद अपने सभी दस्तावेज में नाम-पता और हुलिया बदलकर घूम रहा था। चेकिंग में फोर्ड गाडी़ से मानगो पुल से मानगो बाजार जाने के क्रम में एटीएस और जमशेदपुर पुलिस ने उसे रविवार को गिरफ्तार किया. जमशेदपुर में कमाल नाम से जाना जाता था. मानगो के सहारा सिटी में रह रहा था. इससे पहले वह मलेशिया में था. वहां वह अब्दुल माजिद के नाम से था. वहां से दुबई, बैंकाक के रास्ते जमशेदपुर पहुंचा था.

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अब्दुल माजिद कुट्टी फर्जी पासपोर्ट की मदद से दुबई से मलेशिया गया और वहां टेक्सटाइल उद्योग में काम करने लगा. जानकारी के अनुसार अब्दुल माजिद कुट्टी का पासपोर्ट पटना से बना था और पता भी फर्जी था. अब जांच एजेंसी इस बात की जांच कर रही है अब्दुल मजीद का पटना में फर्जी पासपोर्ट कैसे बन गया. पटना पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारी कर्मचारी की जांच एजेंसी के रडार पर हैं.

झारखंड में पहले भी फर्जी पासपोर्ट मामले हुई है गिरफ्तारी

जनवरी, 2016 में बर्द्धमान बम विस्फोट कांड में गिरफ्तार आतंकी रजाउल का पासपोर्ट रामगढ़ के  रजरप्पा थाने के चितरपुर स्थित इस्लामनगर के पते पर फरीदुल नाम से बना था.अप्रैल, 2015 में फूलन देवी हत्याकांड के अभियुक्त शेर सिंह राणा का फर्जी तरीके से पासपोर्ट रांची से ही जारी हुआ था. तिहाड़ जेल से भागने के बाद शेर सिंह राणा ने संजय गुप्ता नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया था.

ऑनलाइन चावल-दाल का कारोबार कर रहा था अब्दुल मजीद

अब्दुल माजिद कुट्टी मानगो सहारा सिटी में रहकर ऑनलाइन चावल-दाल और ड्राइ फ्रूट का कारोबार करता था. जांच एजेंसी इस बात की तहकीकात कर रही है की ऑनलाइन व्यापार के नाम पर मस्जिद के पास अंडरवर्ल्ड का पैसा तो नहीं आता था. अब्दुल माजिद कुट्टी जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं पर उसके मोबाइल और लैपटॉप अभी खंगाला जा रहा है इसमें कई महत्वपूर्ण राज जांच एजेंसियों को मिली है. जांच एजेंसी अब्दुल मजीद के मोबाइल रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है उसे पता चले कि अब्दुल मजीद 2 साल में जमशेदपुर के अलावा देश के किन-किन शहरों में घुमा और किन-किन लोगों से मिला.

फिर चर्चा में झारखंड का स्लीपर सेल, कई आतंकी हो चुके हैं गिरफ्तार

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Ranchi : जमशेदपुर से अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का करीबी अब्दुल मजीद कुट्टी की गिरफ्तारी के बाद झारखंड का आतंकी और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन चर्चा में है. आतंकियों के स्लीपर सेल की वजह से एनआइए (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) की पिछले कुछ वर्षों से झारखंड पर पैनी नजर है. इसे संयोग कहें या आतंकियों का सघन नेटवर्क, देश की कई आतंकी घटनाओं का झारखंड कनेक्शन निकल रहा है.

झारखंड आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल के लिए काफी बदनाम रहा है. खासकर जमशेदपुर से कई आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. अलकायदा, सिमी,  इंडियन मुजाहिदीन, जमात उल बांग्ला जैसे आतंकी संगठनों की सक्रियता झारखंड में पहले से रही है. साल 2013 के बोधगया ब्लास्ट में रांची के आतंकियों की भूमिका रही थी. रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के सीटीओ और ओरमांझी से इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी गिरफ्तार किए गए थे. इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े भटकल बंधुओं ने भी रांची के कांटाटोली इलाके के एक मकान में शरण ली थी. वहीं सूरत और अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में रांची के मंजर इमाम और दानिश गिरफ्तार हो चुके हैं. दोनों रांची के बरियातू इलाके में रहते थे.

इतना ही नहीं पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में ब्लास्ट की योजना रांची में बनी थी और कई आतंकी रांची से गिरफ्तार हुए थे. पटना और बोध गया ब्लास्ट को अंजाम देने वाला पलामू से गिरफ्तार नुमान अंसारी रांची के सिठिओ का निवासी था. इसी तरह अलग-अलग वारदातों में शामिल रहे मुजिबुल्ला अंसारी, इम्तियाज अंसारी, अहमद हुसैन, तारिक आजम, उजेर अहमद आदि झारखंड से गिरफ्तार हो चुके हैं.

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