
NewDelhi : भारतीय नौसेना अगले दस साल में पोत और पनडुब्बियों की खरीद के 51 अरब डॉलर यानी 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करेगी. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने शुक्रवार को यह बात कही. बता दें कि राज्य मंत्री गोवा शिपयार्ड लि (जीएसएल) और मझगांव डाक शिपबिल्डर्स लि. (एमडीएसएल) में संभावना विषय पर उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे.
इसे भी पढ़ें : वित्त मंत्री के दावों के उलट मंदी में इकॉनमी, दूसरी तिमाही में जीडीपी 7.5 फीसदी गिरा
60 प्रतिशत से ज्यादा बजट पूंजीगत खर्च के लिए
इस क्रम में नाइक ने कहा कि भारतीय नौसेना का 60 प्रतिशत से ज्यादा बजट पूंजीगत खर्च के लिए रखा गया है. इस पूंजीगत बजट का 70 प्रतिशत हिस्सा देश से खरीद पर खर्च किया गया है. इस तरह पिछले पांच साल में करीब 66,000 करोड़ रुपये की खरीद घरेलू स्तर पर की गयी है.
इसे भी पढ़ें :रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जानिए…
समंदर में देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण
नाइक ने कहा कि पड़ोसी देशों और जियो पॉलिटिकल सिचुएशन को ध्यान में रखते हुए समंदर में देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गयी है. कहा कि इस काम में शिपयार्ड का रोल अहम होगा. नाइक ने मुंबइ में हुए 26/11 हमले की याद दिलाते हुए कहा कि इस हमले के लिए आतंकी समंदर के रास्ते से ही आये थे. नाइक ने कहा कि हमारा समुद्र तट काफी विशाल है और इसकी सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है.




