
Ranchi : राज्य के विभिन्न न्यायालयों में प्रैक्टिस करने वाले 30 हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं को फिजिकल कोर्ट के लिए अभी इंतजार करना होगा. दरअसल 22 मार्च के बाद से ही अदालतों में कोविड की वजह से कामकाज बंद हो गया था. लंबे अरसे के बाद अब कोर्ट में सुनवाई हो रही है पर ऑनलाइन माध्यम से. इसमें अधिवक्ता, मुव्वकिल और न्यायिक पदाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़कर काम कर रहे हैं.
इस माध्यम में ज्यादातर अधिवक्ता अदालती कामों से बाहर हो गये हैं. अधिवक्ता अब फिजिकल कोर्ट की मांग कर रहे हैं जहां वे सशरीर अदालत में उपस्थित होकर पहले की तरह काम कर सकें.
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स्टेट बार काउंसिल की बैठक में मांग, फिजिकल कोर्ट खुलना चाहिए
12 अक्तूबर को राज्य में अधिवक्ताओं की सबसे बड़ी संस्था, स्टेट बार काउंसिल की बैठक में मांग की गयी थी कि फिजिकल कोर्ट खुलना चाहिए. इसके लिए काउंसिल के चेयरमैन को अधिकृत किया गया था. तब कहा गया था कि जल्दी ही चेयरमैन चीफ जस्टिस से मिलकर फिजिकल कोर्ट खोलने से संबंधित आग्रह करेंगे. पर इतने दिन बीत जाने के बाद भी चीफ जस्टिस के समक्ष यह मुद्दा नहीं रखा गया है.
अधिवक्ताओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है.
काउंसिल के मीडिया प्रवक्ता अधिवक्ता संजय विद्रोही ने कहा कि काउंसिल अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर संवेदनशील नहीं दिख रही है. यह भी दुर्भाग्य है कि काउंसिल की बैठकों और कार्यों मे पारदर्शिता नहीं रही है. संजय विद्रोही कहते हैं कि उन्होंने इस संबंध में काउंसिल के चेयरमैन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराया है. बहरहाल इन सबके बीच एक आम अधिवक्ताओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है.
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ज्यादातर अधिवक्ता सुनवाई में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं
अदालती कामकाज में भाग नहीं ले पाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है. ऑनलाइन सुनवाई में बहुत कम अधिवक्ता ही भाग ले पा रहे हैं. ज्यादातर अधिवक्ता अभी भी सुनवाई में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं. बड़ी संख्या में ऐसे अधिवक्ता हैं जो ना तो किराये के मकान का भाड़ा दे पा रहे हैं और ना ही बच्चों की स्कूल फीस. रोजमर्रा का खर्चा वे किसी तरह निकाल रहे है. इनकी हालत तभी सुधरेगी जब फिजिकल कोर्ट खुलेंगे.
जान लें कि सिविल कोर्ट दीपावली और छठ महापर्व के मद्द्नजर 22 नवंबर तक बंद हैं. हाईकोर्ट भी 13 नवंबर से बंद हो रहा है. इसके बाद अधिवक्ताओं के पास बड़ा दिन (क्रिसमस की छुट्टियों) से पहले तक का वक्त होगा. अगर इस दौरान फिजिकल कोर्ट नहीं शुरू हुआ तो फिर अधिवक्ताओं को नये साल तक इंतजार करना होगा.
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क्या कहा काउंसिल के चेयरमैन ने
फिजिकल कोर्ट खोलने को लेकर चीफ जस्टिस से मुलाकात करने की पहल की जा रही है. जल्दी ही चीफ जस्टिस से मुलाकात कर उनसे फिजिकल कोर्ट के लिए आग्रह किया जायेगा.
राजेंद्र कृष्णा, चेयरमैन झारखंड स्टेट बार काउंसिल




