Palamu. पलामू जिले के छत्तरपुर प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे स्वास्थ्य केन्द्रों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गयी है. अब तक पांच केन्द्रों को सील किया जा चुका है, जबकि एक नर्सिंग होम के संचालक को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इस कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से अस्पताल और जांच घर चलाने वालों में हड़कंप मच गया है.
जांच में पाए गए थे अवैध
12 सितम्बर को पलामू के उपायुक्त शशि रंजन के निर्देश पर जिले के सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कनेडी ने छतरपुर में अवैध करार दिए जाने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहे क्लिनिक, एक्सरे और पैथोलॉजी केन्द्रों की जांच की थी. इस दौरान चार अस्पताल और एक एक्सरे जांच केन्द्र को अवैध पाया गया था. मौके से 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था. छानबीन के दौरान 9 लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि जनता नर्सिंग होम के संचालक डॉ अनिल कुमार सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.
सीएस ने किया था औचक निरीक्षण
सीएस की औचक छापामारी के बाद छत्तरपुर अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर राजेश अग्रवाल और दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी राकेश कुमार तिवारी ने चार नर्सिंग होम और एक एक्सरे जांच घर को सील किया. साथ ही मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी. छत्तरपुर के सरईडीह रोड में स्थित रानी अस्पताल के संचालक डॉ वरुण कुमार, छत्तरपुर मेन बाजार उमा सिंह के मकान में डॉ ए परवीन, इसी जगह जैनु डिजिटल एक्सरे के संचालक गोल्डेन, जनता नर्सिंग होम के संचालक डॉ अनिल कुमार सिंह, सड़मा स्थित लौंग लाइफ नर्सिंग होम के संचालक डॉ ताहिल हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
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सिविल सर्जन डॉक्टर जॉन एफ केनेडी ने बताया कि पांच अवैध क्लिनिक व एक्सरे जांच कर कार्रवाई हुई है. अभी भी प्रखंड क्षेत्र में कई अवैध क्लिनिक व अल्ट्रासाउंड केन्द्र चल रहे हैं. अगर वे खुद से अपने फर्जी संस्थान बंद नहीं किए तो जल्द ही फिर से कार्रवाई की जाएगी.




