Ranchi : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने झारखंड पर 113 करोड़ का जुर्माना लगाया है. राज्य में बिना पर्यावरण स्वीकृति के हाइकोर्ट, विधानसभा सहित दूसरे भवन बने हैं. इसी पर एनजीटी ने सवाल उठाया है. इस संदर्भ में उसने झारखंड सरकार को लेटर जारी किया है. विधायक सरयू राय ने इसे लेकर पूर्ववर्ती रघुवर सरकार पर निशाना साधा है. ट्वीट करते हुए कहा है कि नये विधानसभा भवन के निर्माण में गड़बड़ियां लगातार हुई हैं. इसमें अनियमितता बरती गयी. आधे अधूरे विधानसभा भवन का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी से करा लिया गया. इसके लिए पिछली सरकार को अपनी गलती माननी होगी.
एनजीटी का आदेश:-जुर्माना के साथ ही बिना पर्यावरण स्वीकृति के भवन बनाने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत आपराधिक मुक़दमा भी दर्ज होगा,निर्माणाधीन भवनों के निर्माण के पर रोक रहेगी. अनियमित-अधूरा विधानसभा भवन का उद्घाटन PM @narendramodi से कराने वाले क्या अपनी गलती मानेंगे ?
— Saryu Roy (@roysaryu) September 9, 2020
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सरकारी खजाने पर बोझ
झारखंड में पर्यावरण स्वीकृति के बिना बने उच्च न्यायालय,विधान सभा,अन्य भवनों पर एनजीटी ने भारी जुर्माना लगाया है.उच्च न्यायालय भवन पर 66 करोड़ रू० और विधान सभा भवन पर 47 करोड़ रू० का जुर्माना कौन देगा? संवेदक,सरकारी अफ़सर या जनता के कर बना राजकोष? बधाई पर्यावरणविद डा० आर के सिंह.
— Saryu Roy (@roysaryu) September 9, 2020
सरयू राय के अनुसार एनजीटी के आदेश से राज्य सरकार के खजाने पर बोझ पड़ेगा. पिछली सरकार की करतूतों का खामियाजा वर्तमान सरकार को भुगतना पड़ेगा. ट्वीट करते हुए कहा है कि आखिर जुर्माने की राशि का खर्च कौन वहन करेगा. ठेकेदार, सरकारी अफसर या जनता के कर से बने राजकोष में से किससे इस राशि को वसूला जायेगा.
क्या है एनजीटी का आदेश
एनजीटी ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में कहा है कि धुर्वा, रांची में हाइकोर्ट, विधानभा और अन्य भवनों के निर्माण कार्यों में पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है. इसे बनाने में पर्यावरण स्वीकृति एनजीटी की स्वीकृति नहीं ली गयी. इसे देखते हुए एनजीटी ने उच्च न्यायालय भवन के लिए 66 करोड़ और विधान सभा भवन के लिए 47 करोड़ रुपये का जुर्माना सरकार को देने को कहा है. इसके साथ-साथ बिना पर्यावरण स्वीकृति के भवन बनाने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत आपराधिक मुक़दमा भी दर्ज करने को कहा है. साथ ही निर्माणाधीन भवनों के निर्माण या किसी तरह के काम पर रोक लगा दी है.
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