
Ranchi: केन्द्र प्रायोजित पीएम स्ट्रीट वेंडर्स निधि योजना झारखंड के स्ट्रीट वेंडर्स की तकदीर बदल सकती है. इस योजना को झारखंड में लागू करने को लेकर पिछले एक माह में नए सिरे से सर्वे कराकर अबतक 30518 स्ट्रीट वेंडर्स को चिन्हित कर लिया गया है. 15830 वेंडर्स ने इस योजना के तहत लोन लेने की इच्छा भी जतायी है.
नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक राजीव रंजन के मुताबिक हमारा राज्य ऋण स्वीकृत करने के दिशा में किए जा रहे कार्यों में अग्रणी राज्यों में से एक है. निदेशक ने यह भी कहा कि पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. हमारी कोशिश है कि इस योजना से झारखंड के अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स लाभान्वित हों तो हमारा प्रयास सफल होगा.
क्या है योजना
केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन में ढील के बाद पथ विक्रेताओं को अपनी आजीविका व रोजगार को दोबारा शुरू करने को लेकर किफायती दर पर ऋण योजना शुरू की है. इसमें लाभुक अगर नियमित अदायगी करता है तो उसके ब्याज में सात प्रतिशत सब्सिडी सरकार देगी. अर्थात अगर किसी लाभुक का ऋण नौ प्रतिशत ब्याज पर लिया गया है तो उसे दो प्रतिशत ब्याज ही देना पड़ेगा.
कौन होंगे लाभार्थी
यदि 24 मार्च 2020 तक या उससे पहले कोई व्यक्ति शहर में फेरी लगाकर या फूटपाथ पर बैठकर कार्य कर रहा था वो इस योजना का लाभ ले सकता है. अस्थायी स्टॉल लगाकर कार्य कर रहे वेंडर्स को भी इसके लिए योग्य माना जाएगा.
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क्या होगी अर्हता
निकाय द्वारा आयोजित सर्वेक्षण सूची में वेंडर का नाम होना चाहिए. अथवा किसी पथ विक्रेता संघ का सदस्य होना चाहिए और सदस्यता का प्रमाण पहचान पत्र होना चाहिए. अगर अभ्यर्थी उपरोक्त दोनों सूची में से किसी में निबंधित नहीं है तो वो आवेदन के साथ स्थानीय नगर निकाय से संपर्क कर आग्रह कर सकता है.
ऋण उपलब्ध करानेवाली संस्थाएं
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, सूक्ष्म वित्त संस्थाएं,एसएचजी बैंक इत्यादि. ऋण उपलब्ध कराने में नगर निकाय मदद करेंगे.
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