
Jamshedpur: पिछले साल जुलाई में बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मामले में जमशेदपुर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है.अपर जिला व सत्र न्यायाधीश-पांच सुभाष कुमार की अदालत ने सोमवार को तीनों आरोपियों को सजा सुनाई.
इन आरोपियों में रिंकू साव को आजीवन कारावास और 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जबकि दूसरे आरोपी मोनू मंडल को 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना और कैलाश कुमार को 7 साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई है. तीनों अभियुक्त को 11 जून को अदालत ने दोषी करार कर दिया था.
टाटानगर रेल थाना में दर्ज हुआ था मामला
टाटानगर रेल थाना में सभी आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. घटना के 50 दिनों के भीतर पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था. 25 जुलाई 2019 की रात बंगाल झालदा की महिला अपनी तीन साल की बच्ची के साथ टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में सोयी थी.
रात 11.30 बजे बच्ची का अपहरण कर अपराधी साथ ले गए थे. टेल्को रामाधीन बागान क्षेत्र के पानी टंकी के पास बच्ची से दुष्कर्म किया. फिर उसकी गर्दन मरोड़ दी थी। इसके बाद उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया था. सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर झाड़ियों में छुपा दिया था.
मुख्य आरोपित रिंकू साव और उसके साथी कैलाश कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सिर कटा शव पुलिस ने 30 जुलाई को बरामद किया था. 10 अगस्त को बच्ची का सिर बरामद किया गया था.




