
Ranchi: झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (JSIA) ने जेबीवीएनएल की तरफ से जारी बिजली बिल पर आपत्ति दर्ज किया है. उनका कहना है कि जो बिल विभाग की तरफ से उन्हें दिया गया है, वह सही नहीं है. बिल में कई तरह की गलतियां हैं.
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जेसिया ने कहा है कि इन सभी बातों की जानकारी जेबीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता और जनरल मैनेजर को 10 दिन पहले दे दी गयी थी. बावजूद इसके विभाग की तरफ से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी. जानते हैं उन बातों को जिस पर झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने आपत्ति दर्ज करायी है.
– जेसिया का कहना है कि विभाग की तरफ से ओपनिंग रीडिंग को ही क्लोजिंग रीडिंग दर्शाया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि बिजली का इस्तेमाल किया ही नहीं गया है. लेकिन विभाग ने डिफरेंस यूनिट दिखाते हुए इसपर एनर्जी चार्ज लगाया है. ऐसा करना सही नहीं है.
– जेसिया का कहना है कि इस तरह की कई गलतियां विभाग की तरफ से की गयी है. विभाग की तरफ से डिमांड चार्ज मांगा जा रहा है, जो गलत है. जब करंट रीडिंग उपलब्ध नहीं है, तो इसकी गणना करना अनुचित और नियमाकुल नहीं है.
– नियम के मुताबिक, जेबीवीएनएल को सिक्योरिटी डिपॉजिट पर ब्याज देना है. इसी ब्याज से अप्रैल महीने के बिल हो एडजेस्ट करना है. लेकिन सालों से उपभोक्ता को ब्याज नहीं दिया गया है. इससे संबंधित आदेश कई बार निकले. लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ
– जेसिया ने एक और बात पर आपत्ति जतायी है. उनका कहना है कि नियम के मुताबिक, अगर उपभोक्ता किसी जायज वजह से बिजली का उपयोग नहीं कर सकता है, तो जेबीवीएनएल उपभोक्ता से फिक्स डिमांड चार्ज नहीं ले सकता है. संकट से गुजर रहे उद्योग को ऐसे समय में भी इसकी सुविधा नहीं दी जा रही है.
– एसोसिएशन का कहना है कि यह बिल नियमों की अनदेखी है. इससे छोटे उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. संकट के समय में अनुचित बिल देना परेशान करना और मुसीबत को बढ़ाने जैसा है.
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