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झारखंड में सिर्फ कोल्हान और रांची विवि ही दे रहे वीडियो लेक्चर, बाकि कर रहे यूजीसी की अनदेखी

Ranchi: यूजीसी की गाइडलाइन आने के बाद भी राज्य के यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को वीडियो लेक्चर उपलब्ध कराने में कोई इंटरेस्ट नहीं ले रहे हैं. दरअसल यूजीसी ने एक गाइडलाइन जारी की थी.

जिसमें सभी विश्वविद्यालयों को लॉकडाउन की अवधि में वीडियो क्लासेस के माध्यम से सिलेबस पूरा कराने को कहा गया था. ताकि सिलेबस पूरा होने पर लॉकडाउन के बाद विवि-कॉलेज खुलते ही परीक्षा ली जा सके.

लेकिन झारखंड के सात विश्वविद्यालयों को सिलेबस पूरा कराने की चिंता नहीं है. राज्य में रांची विवि, डीरएसपीएमयू, कोल्हान विवि, नीलांबर-पीतांबर विवि, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि, सिद्धो-कान्हू विवि और विनोबा भावे विवि है. पर इनमें से केवल रांची और कोल्हान विवि ही ऐसे हैं, जो स्टूडेंट्स को वीडियो क्लासेस दे रहे हैं.

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कोल्हान विवि में 1000 से अधिक लेक्चर

ऑनलाइन क्लासेस देने की सुविधा में कोल्हान विवि राज्य के किसी भी अन्य विवि में सबसे आगे है. यहां स्नातक, स्नातकोत्तर और वोकेशनल कोर्सेस के 1000 से अधिक लेक्चर वेबसाइट पर अपलोड किये गये हैं. लेक्चर के आंकड़ों की बात करें तो यहां स्नातक स्तर पर इकोनोमिक्स 224, ऊर्दू 94, कॉमर्स 588, हिस्ट्री 342, मैथेमेटिक्स 105, इंगलिश 71, फिजिक्स 176, सोशियोलॉजी 43, होम साइंस 61, ज्योग्राफी 79, केमिस्ट्री 69, साइकोलॉजी 222, जूलॉजी 114, पॉलिटिकल साइंस 137, फिलॉशफी 75, बॉटनी 73, हिंदी 284, बांग्ला 117, मैथिली 09, ओड़िया 14, टीआरएल 09, संस्कृत 51 और एंथ्रोपोलॉजी के 17 लेक्चर हैं. इसी तरह  स्नातकोत्तर स्तर पर एमएड 54, एलएलबी 31, एम कॉम 77, पॉलिटिकल साइंस 38, हिस्ट्री 18, ओडिया 09, ऊर्दू 05, फिजिक्स 07, साइकोलॉजी 04, एमएससी 01, टीआरएल 58, एंथ्रोपोलॉजी 12, बॉटनी 02, जूलॉजी 01, इकोनोमिक्स 02, होम साइंस 02, ज्योग्राफी 16, हिंदी 11,  लेक्चर हैं. इसके अलावा वोकेशनल कोर्स के 07 लेक्चर हैं.

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रांची विवि के पास केवल 65 लेक्चर

वहीं रांची विवि के वीडियो लेक्चर की बात करें तो यहां पीजी विभागों और कॉलेजों में 947 शिक्षक कार्यरत हैं. लेकिन अब तक सिर्फ 65 लेक्चर ही यू-ट्यूब पर अपलोड हो सके हैं. यहां के वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय और प्रोवीसी डॉ कामिनी कुमार के भी यू-ट्यूब पर दो-दो लेक्चर हैं.

यहां के शिक्षकों को सिलेबस पूरा करने में कोई रुचि नहीं है. रांची विवि के पीजी में विषय स्तर पर 29 विभाग हैं. इनमें से 18 विषयों के विभागों से एक भी लेक्चर ऑनलाइन स्टडी के लिए नहीं आया है. बताते चलें कि रांची यूनिवर्सिटी के पीजी विभागों और कॉलेजों में 947 शिक्षक कार्यरत हैं. इनके वेतन पर प्रतिमाह 896 लाख रुपये खर्च किये जाते हैं.

रांची यूनिवर्सिटी द्वारा यू-ट्यूब पर अपलोड किये गये लेक्चर का अब तक केवल 7600 स्टूडेंट्स ने ही लाभ उठाया है. जबकि यूट्यूब चैनल के 771 सब्सक्राइबर हैं.

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चार विवि कर रहे गाइडलाइन का उल्लंघन

स्टूडेंट्स के सिलेबस को पूरा कराने के यूजीसी के गाइडलाइन का राज्य के चार विवि उल्लंघन कर रहे हैं. जो विवि गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे हैं, उसमें सिद्धो कान्हू विवि दुमका, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि, विनोबा भावे विवि और डीएसपीएमयू और नीलांबर-पीतांबर विवि की वेबसाइट पर वीडियो क्लासेस की कोई जानकारी नहीं है.

जबकि 15 दिन पूर्व राज्यपाल ने सभी विवि के वीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सिलेबस पूरा कराने आदि को लेकर चर्चा की थी. इसपर इंटरनेट और अधिकांश स्टूडेंट्स के पास स्मार्टफोन नहीं होने की बात कहकर कोयलांचल विवि ने स्पेशल क्लासेस लेकर सिलेबस पूरा करने को कहा था. जबकि अन्य विवि ने इस बाबत अब तक कोई बात नहीं की.

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