
Ranchi: विधानसभा में गुरुवार को इरफान अंसारी के विवादित बयान पर सदन का पहली पाली की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी. दो बजे दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद बीजेपी के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष को लेकर जोरदार हंगामा किया.
सबसे पहले सीपी सिंह ने उठकर सीनियर विधायकों के बैठने की व्यवस्था पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष या विपक्ष दोनों तरफ के विधायकों के बैठने की व्यवस्था ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सीनियर विधायकों को पीछे बैठने की व्यवस्था की गयी है, जो ठीक नहीं है.
सीपी सिंह ने राजेंद्र सिंह, केदार हाजरा, कोचे मुंडा और जेपी पटेल जैसे नेताओं का नाम लिया और कहा कि कल इस व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाये. इसके बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का मामला उठाया. जिसके बाद सदन में बीजेपी के विधायकों का हंगामा शुरू हो गया.
इसे भी पढ़ें – #Delhi_Violence : कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे ताहिर हुसैन को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया
मामला 10वीं अनुसूची का – आलमगीर आलम
हंगामे को देख संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह मामला 10वीं अनुसूची का है. इसलिए इसमें वक्त लग रहा है. उन्होंने पिछली सरकार में दलबदल कानून के तहत हुए मामले का भी जिक्र किया. कहा कि अपने कार्यकाल में ऐसे मामले को सुलझाने में साढ़े चार साल लग गये.
इसपर सीपी सिंह ने कहा कि जिस 10वीं अनुसूची का हवाला देकर बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाया जा रहा है, वो सिर्फ 14 पन्ने का है. लेकिन एक सप्ताह बीतने को है, सदन की तरफ से इस मामले पर निर्णय नहीं लिया गया है.
इसे भी पढ़ें – कुत्ता वाले बयान से पलट बोले इरफान- मंशा नहीं थी गलत, पिता फुरकान ने बेटे के बयान पर लगाया ठहाका
हंगामे पर हेमंत सोरेन ने ली थी चुटकी
मामले पर सदन में हेमंत सोरेन ने भी राजनीतिक चुटकी ली. उन्होंने सदन में कहा कि मामला अभी विचाराधीन है. इसलिए समय लग रहा है. सात ही कहा कि जबतक मामले का निर्णय नहीं आ जाता तकतब बीजेपी अपनी पार्टी में से किसी और नेता प्रतिपक्ष चुन ले. जब फैसला आ जाएगा तो नेता बदल लीजिएगा.
हेमंत सोरेन के इतना कहता ही बीजेपी के विधायकों का हंगामा तेज हो गया. सभी अपनी सीट छोड़ कर विधानसभा की वेल में पहुंच गये. एक तरफ बीजेपी विधायक वेल में हंगामा कर रहे थे. तो दूसरी तरफ सीएम हेमंत सोरेन मुस्कुराते हुए बीजेपी को विधायकों को सत्ता की तरफ आ जाने का न्योता इशारे से दे रहे थे.
बीजेपी के विधायकों ने हंगामा और तेज कर दिया. विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें काफी संमझाने की कोशिश की. लेकिन वो नहीं माने. आखिर में बीजेपी के विधायकों ने 2.28 मिनट पर सदन से वॉक ऑउट कर दिया. जिसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से बिना विपक्ष के चली.
इसे भी पढ़ें – घाटे में बिजली वितरण निगम लिमिटेड, बिजली खरीदने वाली संस्थाओं का लगभग 10,000 करोड़ बकाया




