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Ranchi: जिला के तीन लाख पचास हजार बिजली मीटर बदल दिये जायेंगे. झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड इसकी तैयारी में है. इसके तहत रांची जिला के तीन लाख पचास हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर दिया जायेगा. इसके बदले में उपभोक्ताओं को एक रूपया भी बिजली बोर्ड को नहीं देना होगा क्योंकि जेबीवीएनएल इसके लिये लोन समेत अन्य ग्रांटस के साथ काम करेगाी.
जेबीवीएनएल ने इसके लिए टेंडर कर लिया है. फिलहाल टेंडर मूल्याकंन किया जा रहा है. काम पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा. टेंडर किसी एजेंसी को मिलने के बाद, 18 महीने के भीतर एजेंसी को काम पूरा करना होगा. आने वाले कुछ दिनों में टेंडर फाइनल कर लिया जायेगा.
गौरतलब है कि स्मार्ट मीटर पर जेबीवीएनएल की ओर से पिछले कुछ सालों से काम किया जा रहा है. वहीं राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से भी जेबीवीएनएल पर लगातार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाये जाने का दबाव बनाया जाता रहा है.
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256 करोड़ की है कुल योजना
जेबीवीएनएल को इस काम को पूरा करने में 256 करोड़ रुपये लगेंगे. जिसमें विश्व बैंक, केंद्र सरकार और राज्य सरकार का योगदान शामिल है. जेबीवीएनएल की मानें तो इस योजना में तीस प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही है.
राज्य सरकार का इस पर 38 प्रतिशत योगदान है. वहीं विश्व बैंक से 32 प्रतिशत राशि लोन में ली जा रही है. इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के मीटर रिप्लेस किये जायेंगे. जिसका खर्च जेबीवीएनएल वहन करेगी.
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प्रीपेड मीटर होगा या नहीं इस पर संशय
जेबीवीएनएल की पूर्व में योजना थी की प्री पेड मीटर लगाये जायेंगे. जो स्मार्ट मीटर के तरह ही होंगे. लेकिन अब इस पर संशय है. क्योंकि टेंडर खुलने और एजेंसियों की स्वीकृति के बाद ही इस पर सहमति बन सकती है.
फिलहाल जेबीवीएनएल की ओर से सिर्फ स्मार्ट मीटर पर काम किया जा रहा है. प्रीपेड मीटर में अभी संशय है. हालांकि कई राज्यों में प्री पेड मीटर की व्यवस्था लागू कर दी गयी है. वहीं केंद्र सरकार भी इस पर जोर दे रही है.
राज्य विद्युत नियामक आयोग भी पिछले कुछ बैठकों में इस मुद्दे को उठाता रहा है. अब टेंडर खुलने के बाद ही जानकारी होगी की रांची जिला में प्रीपेड मीटर लगेंगे या सिर्फ स्मार्ट मीटर लगाये जायेंगे.
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