
Giridih: केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार गुरुवार को गिरिडीह के मधुबन स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे.
जैन समाज की तीर्थनगरी और भगवान पार्श्वनाथ की तपोभूमि में एक बार फिर माओवादियों को घेरने और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति तैयार हुई.
सुरक्षा सलाहकार के साथ एडीजी ऑपरेशन मुरारी लाल मीणा भी झारखंड पुलिस के हेलिकॉप्टर से सीआरपीएफ कैंप पहुंचे थे जहां गिरिडीह एसपी सुरेन्द्र झा, मधुबन सीआरपीएफ 154वीं बटालियन के कमांडेट आलोकवीर विक्रम यादव और एएसपी दीपक कुमार ने दोनों को बुके देकर स्वागत किया.
इसके बाद कैंप के बंद कमरे में बैठक शुरू हुई. बैठक लगातार तीन घंटे तक चली जिसमें माओवादियों के लिए रक्तबीज की धरती माने जाने वाले पीरटांड में उन्हें घेरने के साथ नये माओवादियों की तैयारी पर रोक लगाने की रणनीति बनी.
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ऑपरेशन तेज करने के साथ विकास के काम पर भी ध्यान
सुरक्षा सलाहकार ने साफ तौर पर अधिकारियों को माओवादियों के खिलाफ पीरटांड, मधुबन और डुमरी के इलाके में एंटी नक्सल ऑपरेशन और तेज करने का निर्देश दिया.
इस दौरान प्रोजेक्टर के सहारे सुरक्षा सलाहकार और एडीजी मीणा को पीरटांड के भौगोलिक इलाकों से रूबरू कराया गया.
पुलिस सूत्रों की मानें तो बैठक में सुरक्षा सलाहकार और एडीजी ने पीरटांड के इलाके में विकास की हर योजना को सही तरीके से क्रियान्वित कराने का भी सुझाव दिया जिससे इलाके के लोगों में पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति भरोसा बढ़ सके.
खास तौर पर सुरक्षा सलाहकार और एडीजी ने अधिकारियों को विकास योजनाओं से माओवादियों के लेवी देने वाले ठेकेदारों पर नजर रखने का निर्देश दिया है.
घंटो चली बैठक में सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ डुमरी एसडीपीओ नीरज सिंह भी मौजूद थे.
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