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#NirbhayaCase: एक साथ होगी फांसी, दिल्ली HC ने आगे की अपील के लिए दोषियों को दी एक हफ्ते की मोहलत

NewDelhi: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि निर्भया के सभी दोषियों को अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ फांसी दी जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने दोषियों को आगे की अपील के लिए बचे विकल्प का इस्तेमाल करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है.

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने कहा कि दोषियों को एक हफ्ते के अंदर जो भी आवदेन देना चाहे वह दायर करने का निर्देश दिया, जिसके बाद अधिकारियों द्वारा उस पर कार्रवाई की जाएगी.

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सात दिनों में कानूनी उपाय आजमा सकेंगे दोषी

गौरतलब है कि निर्भया केस के चारों दोषियों की डेथ वारंट दो बार टल चुकी है. दोषी अलग-अलग मामले में कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करते हुए फांसी की सजा को टलवाने में सफल हो जा रहे थे.

लेकिन अब दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 7 दिन के अंदर ही सभी वैकल्पिक उपाय आजमाने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने दोषियों की फांसी में हो रही देरी पर अथॉरिटीज को भी लताड़ लगायी है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक सप्ताह के बाद डेथ वॉरंट लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

एक साथ होगी फांसी

दरअसल, केंद्र सरकार ने निर्भया केस को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जिसमें कहा था कि चारों दोषी न्यायिक प्रक्रिया का गलत फायदा उठा रहे हैं. इसलिए जिन दोषियों की दया याचिका खारिज हो चुकी है या किसी भी फोरम में उनकी कोई अपील लंबित नही हैं, उन्हें फांसी की सजा दी जाये.

हालांकि, कोर्ट ने केंद्र की इस दलील को खारिज कर दिया. कोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि निर्भया के दोषियों को अब जल्द ही फांसी मिल सकेगी.
केंद्र और दिल्ली सरकार ने निचली अदालत के 31 जनवरी के आदेश को चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने केंद्र की निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया.

निचली अदालत ने चारों दोषियों– मुकेश कुमार (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को फांसी देने पर रोक लगा दी थी. सभी दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं.

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उल्लेखनीय है कि चारों दोषियों में से मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है और उसके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है.

इधर निर्भया की मां ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद दोषियों के पास एक सप्ताह का समय बचता है. इसके बाद उन्हें उनके किये की सजा मिल पायेगी.

बता दें कि 23 वर्षीय निर्भया से दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात छह व्यक्तियों ने गैंगरेप के बाद उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था. बाद में निर्भया का 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में निधन हो गया था.

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