
Ranchi: झारखंड अधिविद्य परिषद रांची द्वारा आयोजित वार्षिक मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 को लेकर रांची समाहरणालय में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राय महिमापत रे ने की.
रांची जिला में बनाये गये परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों के साथ हुई बैठक में कदाचार मुक्त परीक्षा लेने के आदेश दिये गये.
गौरतलब है कि रांची जिला में मैट्रिक परीक्षा के लिए 87 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. जहां 33070 परीक्षार्थी शामिल होंगे. वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 के लिए रांची जिला में कुल 47 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं.
जहां 32585 परीक्षार्थी भाग लेंगे. सभी परीक्षा केंद्र रांची जिला मुख्यालय एवं बुंडू अनुमंडल में बनाये गये हैं.
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स्टैटिक व पेट्रोलिंग दल रखेंगे नजर
बैठक में रांची के अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था ने बताया कि 11 फरवरी से प्रारंभ होकर 28 फरवरी तक संचालित होने वाली मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक केंद्र पर एक स्टैटिक दल एवं जोन के अनुसार पेट्रोलिंग दल प्रतिनियुक्ति होंगे.
परीक्षा केंद्र संचालकों को बताया गया कि परीक्षा केंद्र परिसर के अंदर और बाहर सफाई की पूरी व्यवस्था प्रतिदिन करनी है. केंद्र पर पर्याप्त पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी अस्थायी बाड़ आदि की व्यवस्था करनी है.
आवश्यकतानुसार प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से संपर्क करते हुए नजदीक के उच्च एवं मध्य विद्यालयों के शिक्षकों को प्रतिनियुक्त करेंगे.
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मॉनिटर के साथ सीसीटीवी की करनी है व्यवस्था
सभी केंद्र अधीक्षक को परीक्षा केंद्र में बिजली आपूर्ति, रोशनी और सीसीटीवी कैमरा के साथ मॉनिटर सेट का संचालन एवं रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
केंद्र में नियुक्त सभी कोटि के शिक्षकों, कर्मियों के पास लैमिनेटेड एवं केंद्र अधीक्षक द्वारा साइन किया हुआ फोटोयुक्त परिचय पत्र होना चाहिए.
परीक्षा नियंत्रक केंद्र अधीक्षक एवं सहायक केंद्र अधीक्षक को छोड़कर शिक्षक एवं परीक्षार्थियों के लिए मोबाइल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक मशीन वर्जित रहेगा.
परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर परीक्षार्थियों का बॉडी सर्च करते हुए अवांछित सामग्रियों के साथ केंद्र पर प्रवेश वर्जित करने की व्यवस्था केंद्र अधीक्षकों को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
संदिग्ध अवस्था एवं कदाचार की स्थिति में संबंधित परीक्षार्थी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई करते हुए उन्हें परीक्षा से निष्कासित किया जायेगा.
प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के माध्यम से कदाचार करते हुए पकड़ाये परीक्षार्थी को थाने में भेजा जायेगा.
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