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संसद भवन मार्च कर रहे #JNU के छात्रों को पुलिस ने रोका

New Delhi: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों ने अपने हाथों में तख्तियां लेकर संसद भवन की तरफ मार्च करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें विश्वविद्यालय परिसर से आधा किलोमीटर के भीतर ही रोक दिया.

विश्वविद्यालय के छात्र, छात्रावास शुल्क में बढ़ोतरी के खिलाफ पिछले तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे अपनी मांगों की तरफ संसद का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सड़क पर उतरे हैं. उनका कहना है कि जब तक सरकार शुल्क वृद्धि वापस नहीं ले लेती है तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे.

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पुलिस ने विश्वविद्यालय के 600 मीटर की दूरी पर ही रोक दिया

सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने बाबा गंगनाथ मार्ग पर छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया. विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से आगे बढ़ने पर 600 मीटर की दूरी पर छात्रों को रोक दिया गया और कुछ ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की तो उन्हें बलपूर्वक आगे बढ़ने नहीं दिया गया.

शुरुआत में विश्वविद्यालय परिसर के बाहर से अवरोधक हटाये गये थे और छात्रों को मार्च करने की इजाजत दी गयी.

विश्वविद्यालय के छात्र छात्रावास नियमावली के खिलाफ पिछले तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं. इस नियमावली में छात्रावास के शुल्क में वृद्धि, ड्रेस कोड और आने-जाने का समय तय करने के नियमवाले प्रावधान हैं.

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा, ‘‘ दिल्ली पुलिस ने संसद भवन की तरफ जा रहे शांतिपूर्ण मार्च को रोक दिया. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, समिति गठित कर छात्रों को मूर्ख बना रहा है. जब तक बातचीत हो रही है तब तक के लिए समिति शुल्क वृद्धि को खत्म क्यों नहीं कर देती है? हम लोग शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.’’

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एचआरडी ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है

इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तीन सदस्यीय एक समिति गठित की थी जो विश्वविद्यालय में सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने के तरीकों की सिफारिश करेगी.

विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत ने कहा, ‘‘समिति गठित करने के बारे में मंत्रालय ने छात्रसंघ को कोई सूचना नहीं दी. प्रशासनिक अधिकारी और समिति को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए निर्वाचित छात्रसंघ से बात करनी चाहिए.’’

वहीं, एक अन्य छात्रा प्रियंका ने कहा, ‘‘शुल्क वृद्धि को आंशिक तौर पर वापस लेकर हमें लॉलीपॉप थमाया जा रहा है. मैं अपने परिवार में पहली ऐसी लड़की हूं जो विश्वविद्यालय पहुंची हूं. मेरी तरह कई अन्य हैं. शिक्षा कुछ धनी लोगों का ही अधिकार नहीं है.’’

छात्रों ने बैनर और तख्तियां भी ले रखी थीं जिनमें ‘फीस वृद्धि वापस लो’, ‘ सभी के लिए छात्रावास सुनिश्चित करो’ और ‘सरकारी शिक्षा को बचाओ’ जैसे नारे लिखे हैं.

वहीं, नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक अन्य छात्र ने कहा, ‘‘हमने अपने कुलपति को लंबे समय से नहीं देखा है. यह समय है कि वह आयें और हमसे बात करें. शिक्षकों और अन्य माध्यम से हमसे अपील करने से अच्छा है कि उन्हें हमसे बात करनी चाहिए.’’

विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय परिसर की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है.

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