
Kolkata : सेना के लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरवाने ने कहा कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थर और ग्रेनेड फेंकने के लिए लोगों को 100 रुपए से लेकर 500 रुपए तक मिलते थे. लेफ्टिनेंट जनरल के अनुसार यह काम विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से कराये जाते थे. हालांकि इस क्रम में उन्होंने कहा कि अब यह सब बंद हो चुका है. मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने कोलकाता में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.
द टेलीग्राफ के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि पहले हर दिन पत्थरबाजी होती थी, लेकिन पत्थर कहां से आते थे? कहा कि कुछ ठेकेदार इन पत्थरों की सप्लाई करते थे. ठेकेदार नौजवानों को पत्थर फेंकने के लिए 100 रुपए और ग्रेनेड फेंकने के लिए 500 रुपए प्रतिव्यक्ति की दर से भुगतान करते थे.
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यूएस, फ्रांस और नेपाल के काउंसल जनरल सहित रिटायर्ड सैन्य अधिकारी मौजूद थे
खबरों के अनुसार भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में यूएस, फ्रांस और नेपाल के काउंसल जनरल के अलावा कई रिटायर्ड सैन्य अधिकारी मौजूद थे. आर्मी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पांच अगस्त के बाद से घाटी में पत्थरबाजी की 200 से ज्यादा घटनाएं हुई हैं. बता दें कि पांच अगस्त कोकेन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 के कई प्रावधानों को खत्म कर दिया था. साथ ही सरकार ने जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केन्द्र शासित राज्य बना दिया. होंगे.
जानकारी के अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने अभी सेना की ईस्टर्न कमांड के चीफ हैं, वे आने वाले दिनों में भारतीय सेना के उप-प्रमुख बनाये जायेंगे. 31 अगस्त को रिटायर हो रहे इंडियन आर्मी के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डी.अंबू की जगह लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने लेंगे.
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