
NW Desk : देश की युवा पीढ़ी नौकरी की जुगाड़ में दिन रात लगी है. इस वक्त देश में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी ही है. बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक 25 अगस्त को सप्ताह खत्म के दौरान बेरोजगारी दर 9 प्रतिशत के स्तर को पार कर गयी.
यह 9.07 प्रतिशत पर पहुंच गयी. यह लगभग तीन वर्षों में दर्ज की गयी उच्चतम साप्ताहिक बेरोजगारी दर है. यह सितंबर 2016 के पहले सप्ताह के बाद से सबसे अधिक बेरोजगारी दर है. साप्ताहिक बेरोजगारी दर 7 से अधिक मूल्यों के बीच बढ़ गयी है.
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फरवरी में 7.2 प्रतिशत पर थी बेरोजगारी दर
इससे पहले साल 2019 के फरवरी महीने में भारत में बेरोजगारी पिछले ढाई में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी थी. बेरोजगारी की दर फरवरी महीने में 7.2 प्रतिशत हो गयी थी.
भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र (सीएमआइई) की ओर से बेरोजगारी दर को लेकर जो आंकड़े पेश किये गये थे, उसमें स्पष्ट बताया गया था कि फरवरी में देश में बेरोजगारी की दर 7.2 प्रतिशत पहुंच गयी थी. यह आंकड़ा सितंबर 2016 के बाद के बाद से सबसे ज्यादा था और साथ ही साल 2017 के फरवरी महीने में यही आंकड़ा 5.9 प्रतिशत था.
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मंदी की आहट के बीच बेरोजगारी की दस्तक
देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है. इस हालात में अलग-अलग सेक्टर की प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां छटनी कर रही है. लोगों की नौकरियां जा रही है. सरकार भी लगातार बेरोजगारी कम करने की बात कह रही है.
वहीं, मोदी सरकार की ओर से बेरोजगारी कम करने के ऐलानों के बीच ये आंकड़ा सरकार की सेहत के लिये अच्छी नहीं है. विपक्ष की ओर से सड़क से लेकर संसद तक बेरोजगारी और किसानों का मुद्दा मूल रूप से उठाया गया है. साथ ही आये दिन प्रदर्शन भी कई जगहों पर देखने को मिलते ही हैं.




