
Ranchi : कचहरी रोड स्थित अटल वेंडर मार्केट में दुकान आवंटन का मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है. कई दुकानदारों का आरोप है कि कचहरी रोड से सर्जना चौक तक वे वर्षों से दुकान लगाते आये हैं. यहां कि दुकान आवंटन के पहले निगम ने सम्मान फाउंडेशन के तहत जो सर्वे किया था, उसमें भी उनका नाम है. लेकिन मार्केट बसने के बाद कई दुकानदारों को गलत तरीके से दुकान आवंटित किया गया. अब वे जब नगर आयुक्त को आवेदन दे रहे हैं, तो उनसे आवेदन नहीं लिया जा रहा है. ऐसे में अब कई दुकानदार सीएम सचिवालय में अपना आवेदन दे रहे हैं.
वहीं झारखंड शिक्षित बेरोजगार फुटपाथ दुकानदार महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष कौशल किशोर ने मार्केट परिसर के दूसरे और तीसरे तल्ले के दुकानों की नीलामी प्रकिया को निगम का तानाशाही रवैया बताया है.
नीलामी प्रकिया को रोकने के लिए जहां उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, सर्वोच्च और झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश, मुख्यमंत्री सहित नगर आयुक्त को एक झापन सौंपा है. वहीं संघ की मांगों पर विचार नहीं करने पर उन्होंने कोर्ट में जनहित याचिका देने की बात कही है.
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डर से आवेदन नहीं ले रहे नगर आयुक्त

कौशल किशोर का कहना है कि मार्केट में दुकानदारों को बसाने के लिए फुटपाथ दुकानदारों से नगर आयुक्त को आवेदन लेना था. मार्केट में कई दुकानदार तो बसाये गये हैं. जिन दुकानदारों के पास वैधानिक दस्तावेज हैं, उनका आवेदन लेने से नगर आयुक्त बच रहे है.
लेकिन हकीकत यही है कि निगम ने अवैध तरीके से फुटपाथ दुकानदारों के बीच दुकानों का आवंटन किया है. वैधानिक दस्तावेजों में निगम के दुकानदारों से ली गयी जुर्माने की रसीद, ट्रैफिक पुलिस द्वारा जब्त की गयी सामानों की रसीद, 2010 में निगम के कराये सर्वे, जिसमें 1754 दुकानदारों का सर्वे शामिल है. एनयूएलएम के फंड से सम्मान फाउंडेशन द्वारा 2016 में सर्वे में भी ऐसे दुकानदार शामिल हैं.
अब जब नगर आयुक्त आवेदन नहीं ले रहे है, तो वैधानिक दुकानदारों ने मुख्यमंत्री सचिवालय में आवेदन देना शुरू किया है. दरअसल आवेदन नहीं लेने का कारण किये गये फर्जीवाड़े से नगर आयुक्त का डरना है.
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दुकानों की नीलमी प्रक्रिया अवैध, जनहित याचिका करेगा महासंघ
उन्होंने बताया कि मार्केट के दूसरे और तीसरे तल्ले पर बचे 75 दुकानों की ऑनलाइन नीलामी पूरी तरह से अवैध है. बीते वर्ष नवंबर माह में मार्केट के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि दुकानों की नीलामी नहीं बल्कि शिक्षित दुकानदारों को आवंटित की जाएगी.
निगम फुटपाथ दुकानदारों के लिए बने दुकानों का आवेदन तो ले नहीं रहा है, वहीं उद्योगपतियों, पूंजीपतियों, धनाढ्य वर्ग के लोगों को दुकान बेचने की तैयारी में है. नीलामी को रोकने के लिए महासंघ ने देश के गणमान्य लोगों को ज्ञापन भेजा है. अगर फिर भी उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो वैधानिक दस्तावेजों के साथ अनुच्छेद 32 एवं 226 के तहत एक जनहित याचिका दायर करेगा. जिसकी सारी जबावदेही नगर आयुक्त की होगी.
2 जुलाई थी आवेदन लेने की अंतिम तिथि, बैठक के बाद होगा निर्णय
मार्केट का काम देख रहे निगमकर्मी का कहना है कि व्यवसाय बदल कर मार्केट में दुकान लेने वाले दुकानदारों से आवेदन लेने की अंतिम तिथि 2 जुलाई थी. अब जबतक आवेदन जमा करने के लिए निगम के अधिकारी की बैठक नहीं होती है, तबतक दुकानदारों से आवेदन नहीं लेने का आदेश है.
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