
Giridih : गिरिडीह के राजधनवार के परसन ओपी के कैलाढाब में गुरुवार की सुबह पत्थर खदान में करीब 300 सौ फीट नीचे भूधंसान से 35 वर्षीय मजदूर अगेंशवर दास की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. वहीं दूसरा मजदूर जीतन रजक भी इसकी चपेट में आने से गंभीर रुप से जख्मी हो गया. स्थिति गंभीर रहने के कारण जीतन को धनबाद रेफर कर दिया गया. कैलाढाब की यह खदान जमुआ धुरगडगी निवासी रामानंद सिंह की बतायी जा रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्थर खदान में भूधंसान की घटना सुबह करीब 8 बजे की है.
तेज आवाज के साथ हुए भूधंसान का कारण 300 सौ फीट उपर एक पत्थर लोडेड हाईवा का गुजरना बताया जा रहा है. जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त खदान के 300 सौ फीट नीचे कुछ मजदूर काम कर रहे थे. मजदूर अगेंशवर दास कुछ मजदूरों के साथ खदान में ड्रील मशीन चला रहा था. दूसरे मजदूर खदान में कुछ और काम निपटा रहे थे. इसी दौरान उपरी हिस्से में इसी खदान से पत्थर लोड कर हाईवा गुजर रहा था कि हाईवा के भार से खदान का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से अगेंशवर दास की मौत मौके पर हो गयी, वहीं जीतन रजक गंभीर रुप से जख्मी हो गया.
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में कोहराम मच गया
पत्थर खदान में हुए भूधंसान की घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में कोहराम मच गया. मृतक व जख्मी के परिजनों समेत गांव के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुटी. अगेंशवर का शव देखते ही उसके परिजनों ने रोना शुरु कर दिया. ग्रामीणों में घटना को लेकर काफी आक्रोश था. इस बीच घटना की जानकारी मिलने के बाद धनवार सीओ शशिकांत सिंकर और परसन ओपी प्रभारी घटनास्थल पहुंचे. कैलाढाब की इस पत्थर खदान में पिछले तीन सालों में कुछ और मजदूरों के मौत की बात कही जा रही है.
घटना के बाद यह सामने आया कि यह पत्थर खदान संचालक रामनंद सिंह की है. इस खदान का क्षेत्रफल 2 एकड़ में फैला है. हांलांकि खदान पूरी तरह से वैध बतायी जाती है, लेकिन आरोप है कि खदान के आसपास का एक किमी का अतिरिक्त इलाका अपने कब्जे में कर खदान से पत्थर मांइनिग की जा रही है. अवैध अतिक्रमण के कारण खदान के करीब एक तालाब को भी भर दिया गया है. जबकि एक सर्वे रास्ता को भरने का प्रयास चल रहा है.
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घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में कोहराम मच गया


