
Ranchi : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि जल का संचयन सबके लिए जरूरी है. इस दिशा में पूरे राज्य में जिला और पंचायत स्तर पर श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन कर जल संचयन कार्यक्रम का सरकार शुभारंभ कर रही है. जान लें कि रविवार को कांके के जमुआरी गांव से इस अभियान का शुभारंभ किया गया. मुख्यमंत्री ने जलशक्ति अभियान के तहत टीसीबी योजना का निर्माण एवं श्रमदान कार्यक्रम की शुरुआत की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर काम करनेवाली ग्राम विकास समिति को सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये दिये जायेंगे. उन्होंने कहा कि गांव वाले योजना बना कर जल संचयन का काम करें. इस कार्य में किसी अधिकारी का हस्तक्षेप नहीं होगा. आपका गांव आपकी योजना की तर्ज पर कार्य होगा. कहा कि गरमी में गांव और शहर में पानी की समस्या से लोग जूझते हैं. अगर बरसात का पानी संचयन करें तो भूगर्भ जल में वृद्धि होगी. ऐसा करने से हमें धीरे-धीरे जल संकट से मुक्ति मिलेगी.
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सरकार दे रही है अनुदान, आप लगायें पौधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में खेती की जमीन पर मेढ़ की चौड़ाई अधिक देखी जाती है. इस पर पेड़ लगा कर हम अपनी आमदनी का जरिया बना सकते हैं. मुख्यमंत्री जन वन योजना के माध्यम से सरकार इस कार्य हेतु 80 फीसदी अनुदान भी दे रही है. मुख्य सचिव डीके तिवारी ने कहा कि राज्य में होने वाली बारिश का मात्र छह प्रतिशत ही हम बचा पाते हैं. इस बात की गंभीरता पर सभी को विचार करना चाहिए.
कहा कि राज्य में होने वाली बारिश का मात्र 6% जल का संचयन हो पाता है, जबकि 94% जल बह कर कहीं और चला जाता है. इस बात की गंभीरता पर सभी को विचार करना चाहिए. हमसभी अगर छोटे कार्य से पहल करें तो जल संचयन कर जल की जरूरत को पूरा किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जिला प्रशासन रांची द्वारा पर्यावरण महत्व से सम्बंधित स्थानीय भाषा की पुस्तक का विमोचन किया.
इन्होंने किया श्रमदान
कार्यक्रम के बाद तेज बारिश के बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास विधायक जीतू चरण राम, मुख्यसचिव डॉ डी के तिवारी, अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक कमल नयन चौबे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग अविनाश कुमार, प्रधान सचिव राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार के के सोन, उपायुक्त रांची राय महिमापत रे, वरीय पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता और बड़ी संख्या में गांव वालों ने कुदाल चलाकर श्रमदान किया
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