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एनी डेस्क ऐप के जरिए खाते से रुपये उड़ाने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

Ranchi : एनी डेस्क ऐप के जरिए 25 हजार की ठगी के मामले में रांची पुलिस ने दो साइबर अपराधी गिरफ्तार किया. गिरफ्तार अपराधियों ने ऐप की मदद से खाते से रुपए की उड़ा लिए थे.

यह ठगी कांके रोड के रहने वाले व्यवसाई सत्येंद्र किशोर से की गई थी. पकड़े गए अपराधियों में जामताड़ा निवासी विवेक कुमार मंडल और देवघर निवासी आमिर खुसरो शामिल है. अपराधियों के पास से पुलिस ने 20 पेटीएम कार्ड, 20 फर्जी सिम, 5 मोबाइल और 15 हजार नकद बरामद किए हैं.

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कैसे की ठगी

चार जून को 2019 को कांके रोड के रहने वाले व्यवसाई सत्येंद्र किशोर के मोबाइल पर साइबर अपराधी का कॉल आया और खुद को एसबीआई बैंक का मुख्य प्रबंधक अमित कुमार मिश्रा बताया.

उन्होंने सत्येंद्र किशोर को योनो ऐप अकाउंट में इंटरनेट बैंकिंग लॉगिंग करने को कहा. उसके बाद एनी डेस्क नाम का ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड करने को कहा और ऑनलाइन एसबीआई Any where में लॉगिंग करने को कहा.

जिसके बाद सत्येंद्र के बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर लगातार एसबीआई के मैसेज आने लगे. फिर साइबर अपराधी ने सत्येंद्र को अपना प्रोफाइल पासवर्ड योनो एप पर साझा करने को कहा.

प्रोफाइल पासवर्ड साझा करने के बाद सत्येंद्र के अन्य बैंक खातों के बारे में भी पूछताछ की जाने लगी. इस बात पर सत्येंद्र को फोन करने वाले व्यक्ति पर शक हुआ और उसने बैंक जाकर मैनेजर से बात करने की बात कही. तो फोन करने वाले व्यक्ति ने बैंक आने से मना कर दिया.

लेकिन तब तक अपराधियों ने ऐप के जरिए 25000 उड़ा लिए थे. पैसे निकाले जाने की जानकारी सत्येंद्र ने पुलेस को दी और गोंदा थाना में मामला दर्ज कराया.

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ऐसे हुई अपराधियों की गिरफ्तारी

साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की. कार्रवाई के दौरान साइबर सेल ने पाया कि पैसे विवेक कुमार मंडल के पेटीएम खाते में ट्रांसफर हुए हैं. अपराधियों को पकड़ने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम का गठन किया और छापेमारी शुरू की गयी.

जिसके बाद जामताड़ा जिले के फतेहपुर से उज्जवल उर्फ विवेक कुमार मंडल को गिरफ्तार किया गया. और उसकी ही निशानदेही पर पुलिस ने देवघर जिला के पालाजोरी थाना क्षेत्र के रहने वाले अमीर खुसरो को भी गिरफ्तार किया. वह भी विवेक के साथ इस अपराध में शामिल था.

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रहे सावधान- एनी डेस्क ऐप न करें इंस्टॉल

साइबर अपराधी खुद को बैंक अधिकारी बताकर केवाईसी, अपडेट, आधार अपडेट ,एटीएम एक्टिवेट कराने के नाम पर एनी डेस्क एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कराते हैं.

फिर हैकर की टीम आपके अकाउंट पर काम करती है. और फोन का रिमोट एक्सेस बनाकर आपके मोबाइल में जितने भी रुपये होते हुए उन्हें गायब कर दिया जाता है. फोन का रिमोट एक्सेस करने के बाद हैकर को ओटीपी मांगने की जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि एनीडेस्क ऐप रिमोट कंट्रोल एप्लीकेशन है.

आरबीआई की ओर से एनी डेस्क ऐप से हो रहे साइबर अपराध के बारे में इसी साल 2019 में एक एडवाइजरी जारी किया गया था. आरबीआई ने इस ऐप को डाउनलोड करने से मना किया था. एनी डेस्क ऐप के जरिए खाते से रुपये उड़ाने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

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