
Meerut: झारखंड में हुई मॉब लिंचिंग के विरोध में मेरठ में हुए प्रदर्शन में जमकर हंगामा हुआ. रविवार को हुए हंगामे के बाद मेरठ में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात बरता है.
एहतियान जिले में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इलाके में धारा 144 लागू है.
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धारा 144 लागू, इंटरनेट बंद
मामले पर जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी ने बताया कि शहर में धारा 144 लागू है. ‘फैज-ए-आम कॉलेज’ में बिना अनुमति सभा की गई और उसके बाद बिना अनुमति के जुलूस निकालने की कोशिश की गई. पुलिस के रोकने पर कुछ लोगों ने पथराव किया.
उन्होंने बताया कि पुलिस से हाथापाई और पथराव के आरोप में 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है. घटना के बाद शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
तिवारी ने बताया कि सभी मोबाइल और निजी इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. केवल बीएसएनएल ब्रॉडबैंड को इससे बाहर रखा गया है.
अराजक तत्वों पर पुलिस की नजर
रविवार को बिना अनुमति शहर की सड़कों पर जुलूस निकालकर नारेबाजी करने वाले लोग पुलिस के रडार पर हैं. पुलिस-प्रशासन का कहना है कि जुलूस की आड़ में अराजकता की गई.
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उपद्रवियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा. जानकारी के मुताबिक युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली समेत 70 नामजद व 800 अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 14 संगीन धाराएं लगाई गई हैं.
झारखंड के तबरेज की हत्या का विरोध
गौरतलब है कि झारखंड में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने की घटना को लेकर रविवार देर शाम ‘युवा सेवा समिति’ के बैनर तले ‘फैज-ए-आम इंटर कॉलेज’ में सभा की गई. इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बिना पूर्वानुमति के जुलूस निकाला.
पुलिस ने कई जगह जुलूस रोकने की कोशिश की. भीड़ ने पुलिस से हाथापाई कर पथराव किया. इसके बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान कई लोग घायल हो गए. पांच पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है.
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