Ranchi

ग्रामीण क्षेत्रों में काम नहीं करना चाहते शिक्षक, रांची जिला में चल रही पीजीटी पोस्टिंग प्रक्रिया में उठ रहे सवाल

कई शिक्षकों ने कहा- ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को ही पोस्टिंग प्रक्रिया में किया गया शामिल, शहरी क्षेत्र के स्कूल शामिल नहीं.

ग्रामीण क्षेत्र है प्राथमिकता, पोस्टिंग प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी- डीईओ.

 Ranchi: जिले के हाईस्कूलों में पीजीटी शिक्षकों की पोस्टिंग प्रक्रिया चल रही है. जिसका आयोजन बालकृष्णा प्लस टू में किया गया है. इन शिक्षकों की पोस्टिंग प्रक्रिया में शनिवार को कुछ शिक्षकों के बीच असंतोष देखा गया.

इन शिक्षकों से बात करने से पता चला कि शिक्षक शहरी क्षेत्र में पोस्टिंग चाहते हैं. लेकिन शहरी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की पोस्टिंग नहीं की जा रही है.

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जितने स्कूलों का नाम इस प्रक्रिया में आया है. उसमें सिर्फ रांची जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल शामिल है. इसे लेकर कुछ शिक्षकों ने असंतोष व्यक्त किया.

इस बार उपायुक्त और जिला स्थापना समिति के निर्णय के बाद पारदर्शी तरीके से शिक्षकों की पदस्थापना की जा रही है. जो जिला शिक्षा पदाधिकारी की देख-रेख में जारी है.

पोस्टिंग प्रक्रिया में शिक्षकों को खुद ही अपने स्कूल का चयन करना है. इसके लिये प्रोजेक्टर के माध्यम से स्कूलों के नाम दिखाये जा रहे हैं.

72 स्कूलों के नाम दिखाये जा रहे

शिक्षकों की पोस्टिंग प्रक्रिया शुक्रवार से जारी है. इस दौरान पोस्टिंग प्रक्रिया में शामिल होने आये शिक्षकों से जानकारी हुई कि प्रोजेक्टर में 72 स्कूल दिखाये जा रहे हैं.

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जिसमें से कोई भी सरकारी स्कूल के नाम नहीं है. ऐसे में शिक्षकों ने यह तक कहा कि शहरी क्षेत्र के स्कूलों में पहले से शिक्षकों की नियुक्ति कर ली गयी है. जिस कारण इन स्कूलों के नाम प्रोजेक्टर में नहीं दिखाये जा रहे है.

461 शिक्षकों की पोस्टिंग की जानी है. जिसमें से शुक्रवार को 119 और शनिवार को 154 शिक्षकों की पोस्टिंग का प्रस्ताव प्राप्त कर लिया गया है. पोस्टिंग प्रक्रिया दो जुलाई तक चलेगी.

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की पूर्ति करना उद्देश्य- डीईओ

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की पूर्ति करने के लिये ऐसा किया जा रहा है. प्रोजेक्ट में ऐसे स्कूलों का नाम दिखाया जा रहा है, जहां विद्यार्थी अधिक हैं और शिक्षकों की कमी है.

ये सही है कि शहरी क्षेत्र के बहुत कम ही स्कूलों को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है. लेकिन इसका मकसद सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की पूर्ति करना और अगर शहरी क्षेत्र में शिक्षकों की पोस्टिंग करनी होगी तो ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को शहरी क्षेत्र में लाया जायेगा. पर अभी प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्र है. यह पूर्ण पारदर्शी तरीके से की जा रही.

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