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गुजर गये छह महीने, दो आइएएस और चार आइएफएस को केंद्र में नहीं मिली जगह

Ranchi:  झारखंड कैडर के दो आइएएस और चार आइएफएस को केंद्र में क्रीम पोस्ट नहीं मिल पा रहा है. जबकि राज्य सरकार इन अफसरों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की हामी लगभग छह महीने पहले ही भर दी थी.

सूत्रों के अनुसार केंद्र के क्रीम विभागों में वेंकेंसी नहीं है. इस कारण झारखंड कैडर के अफसर वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं. दूसरी वजह यह है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस अपने कैडर में योगदान देने के बाद कम के कम दो साल का टेन्योर पूरा करना होता है.

इसके बाद ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने का रास्ता साफ होगा. यह कूलिंग ऑफ के तहत होता है.

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इंदु शेखर चतुर्वेदी और रहाटे को सितंबर में मिली थी अनुमति

अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर इंदु शेखर चतुर्वेदी और प्रधान सचिव रैंक के अफसर सुधीर गंगाधर रहाटे को राज्य सरकार ने सितंबर 2018 में ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति दे दी थी.

छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केंद्र में जगह नहीं मिल पायी है. सूत्रों के अनुसार अपर मुख्य सचिव इंदु शेखर चतुर्वेदी केंद्र में जल्द ही एडजस्ट हो जायेंगे.

वजह यह है कि वे सीएस रैंक के अफसर होने के साथ 1987 बैच के आइएएस हैं. वहीं रहाटे काफी जूनियर हैं. केंद्र में भी सीनियरिटी को ध्यान में रखा जाता है.

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झारखंड में इंदु शेखर को नहीं मिला कोई महत्वूर्ण विभाग

अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर इंदु शेखर चतुर्वेदी को झारखंड में कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं मिला. फिलहाल वे मेंबर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के साथ वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त प्रभार में है.

जबकि इंटरनेशनल मॉनिटिरिंग फंड में वित्तीय सलाहकार के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सचिव भी रह चुके हैं. जबकि झारखंड में उन्हें मुख्य सचिव बनाने पर भी चर्चा नहीं की गयी. इंदु शेखर चतुर्वेदी 31-10-2022 को रिटायर होंगे.

वहीं इंदु शेखर चतुर्वेदी से जूनियर अफसरों को क्रीम विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गयी. फिलहाल राजीव गौबा, अमित खरे, राजीव कुमार, एनएन सिन्हा, अलका तिवारी, निधि खरे, एमएस भाटिया और एसएस मीणा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं.

चार आइएफएस को भी केंद्र में अब तक नहीं मिली जगह

राज्य सरकार ने भारतीय वन सेवा के चार अफसरों को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति दे चुकी है. लेकिन इन अफसरों को भी केंद्र में जगह नहीं मिल पा रही है.

काफी जद्दोजहद के बाद आइएफएस अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति मिली. इसके लिए झारखंड के आइएफएस एसोसिएशन ने राष्ट्रपति से भी गुहार लगायी थी. कहा था कि झारखंड में सर्विस कंडिशन काफी खराब है.

अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने से रोका जा रहा है. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के 17 पद हैं, जिसमें पांच अफसर ही तैनात हैं. फिलहाल राज्य सरकार अपर प्रधान मुख्य संरक्षक रैंक के तीन अफसर एमपी सिंह, आशीष रावत और संजय श्रीवास्तव व सीसीएफ रैंक के अफसर वाजपेयी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति दे चुकी है.

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